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युक्रेन के प्रवासी रोमानिया सीमा पर युक्रेन के प्रवासी रोमानिया सीमा पर  (ANSA) संपादकीय

यूक्रेन में "खून की नदियाँ": ये "युद्ध" है, "सैन्य अभियान" नही

देवदूत प्रार्थना के दौरान संत पापा फ्राँसिस ने रूसी हमले के खिलाफ अपील की जिसने "मृत्यु, विनाश और दुख बोया"। संत पापा उन पत्रकारों को धन्यवाद देते हैं जो यूक्रेन के शहरों में जो हो रहा है, उसकी "क्रूरता का आकलन करने" में हमारी मदद करने हेतु अपनी जान जोखिम में डालते हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 07 मार्च 2022 (वाटिकन न्यूज) : यूक्रेन में युद्ध एक "युद्ध" है, न कि "सैन्य अभियान"। शांति के लिए अपनी नई अपील की शुरुआत में, संत पापा फ्राँसिस ने नकली समाचारों का खंडन किया जो तथ्यों की क्रूर वास्तविकता को छिपाने के लिए मौखिक छल के साथ जो हो रहा है उसे प्रस्तुत करना चाहते हैं।


तीसरी बात मानवीय कार्रवाई की तात्कालिकता से संबंधित है। संत पापा ने जोर देकर कहा कि "मानवीय गलियारों को वास्तव में सुनिश्चित किया जाना चाहिए" और उस पर "वास्तव में" जोर दिया जाना चाहिए, जो इंगित करता है कि कल, यूक्रेन पर हमला करने वाली रूसी सेना द्वारा युद्ध विराम किये गये घोषणा पर अमल नहीं किया। रोम के धर्माध्यक्ष ने अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान का भी आह्वान किया, जाहिर तौर पर उन लोगों द्वारा उल्लंघन किया गया जो इस आक्रामकता के युद्ध को शुरू करना चाहते थे।

फिर से, संत पापा फ्राँसिस ने आग्रह किया कि "सशस्त्र हमले बंद किये जाएँ" क्योंकि यह स्पष्ट है कि हम आक्रमण के युद्ध के बारे में बात कर रहे हैं, जहाँ आक्रमण करने वाले और स्वयं का बचाव करने वाले लोग हैं। जहां विभाजित परिवार, लाखों शरणार्थी और ऐसे लोग हैं जो मृत्यु और पीड़ा का भयानक परिणाम भुगत रहे हैं।


अंत में, उन लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के बाद जो पलायन करने वालों की देखभाल कर रहे हैं, संत पापा ने उन पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त किया जो जानकारी प्रदान करने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं, इस प्रकार सभी को यूक्रेनी लोगों के करीब होने में सक्षम बनाते हैं और "एक युद्ध की क्रूरता का आकलन करें।" धन्यवाद, जो रूस में एक नए कानून के अनुमोदन के तीन दिन बाद आता है, जो रूसी और विदेशी नागरिकों को 'सशस्त्र बलों के बारे में झूठी जानकारी' फैलाने के लिए, उन्हें पंद्रह साल तक की जेल की सजा हो सकती है। क्योंकि ऐसे लोग हैं जो इस गंदे युद्ध को 'सैन्य अभियान' कहने का दावा करते हैं।

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07 March 2022, 15:44