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कंधमाल में एक सभा में भाग लेते प्रतिभागी कंधमाल में एक सभा में भाग लेते प्रतिभागी 

कंधमाल कांड से बचे चार का पुरोहित अभिषेक

वाटिकन द्वारा 35 शहीदों को धन्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दिए जाने के एक महीने बाद, कंधमाल में ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा में जीवित बचे चार लोगों का पुरोहित अभिषेक सम्पन्न हुआ।

वाटिकन न्यूज

कंधमाल, शनिवार, 25 नवंबर 2023 (मैटर्स इंडिया) : ओडिशा के कटक-भुवनेश्वर महाधर्मप्रांत के रोजरी की माता मरियम पल्ली, डेरिंगबाड़ी में 23 नवंबर को पुरोहिताभिषेक समारोह सम्पन्न हुआ जिसमें लगभग 5,000 लोगों ने भाग लिया।

कटक-भुवनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष जॉन बरवा ने अपने उपदेश के दौरान नव नियुक्त लोगों से कहा, "ईश्वर ने आपको योग्य बनाया है। आपको अपनी इच्छा नहीं, बल्कि ईश्वर की इच्छा पूरी करनी है।"

महाधर्माध्यक्ष बरवा ने फा. केदार प्रधान, फा. बिनोद किरन किड़ो, फा. स्माएल सोभासुन्दर, फा. सुखदेव नायक और फा. नबीन बलियारसिंह का पुरोहित अभिषेक सम्पन्न किया। यह 2007-2008 की ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा के दौरान काथलिक विश्वास के कारण 35 शहीद लोगों की धन्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए वाटिकन की 2 अक्टूबर की अनुमति के साथ मेल खाता है।

उन्होंने कहा, “अब वे ईश सेवक बन गये हैं। यह हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है। ईश्वर ने उन्हें कभी नहीं छोड़ा हालांकि ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा ने विश्वासियों के बीच डर, पीड़ा और चिंता फैलायी थी। लेकिन आज ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा को उन 35 लोगों ने हरा दिया है, जिन्हें कंधमाल के शहीद कहा जाता है। शहीदों का जीवन ख्रीस्त में हमारे विश्वास को मजबूत करता है।"

नव अभिषिक्त पुरोहितों में से एक फादर केदार प्रधान ने कहा, ईश्वर का बुलावा एवं उनकी निरंतर देखभाल एवं सुरक्षा, कंधमाल ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा से अधिक मजबूत है।

फादर केदार ने कंधमाल ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा का अनुभव बतलाते हुए मैटर्स इंडिया से कहा, “हमारी किशोरावस्था में सांप्रदायिक हिंसा के समय हमने जंगल में शरण ली थी। जब मैं आठवीं कक्षा में पढ़ रहा था तो मेरी पढ़ाई बहुत प्रभावित हुई, लेकिन यह ईश्वर की ही कृपा थी जिन्होंने हमें हमलावरों से बचाया।”

समारोह में भाग लेनेवाले विकर जेनरल फादर प्रदोष चंद्र नायक ने कहा कि युवा हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे, लेकिन येसु में उनके दृढ़ विश्वास और उनके बुलावे में मजबूती ने उन्हें साहसपूर्वक और निडरता से ईश्वर एवं उनके लोगों की सेवा करने के लिए उन्हें पुरोहित बना दिया।

फादर प्रधान की माँ सुमित्रा ने अपने बेटे के अभिषेक के लिए ईश्वर को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “कोई भी ईश्वर के आह्वान और प्रेम को चुनौती नहीं दे सकता। यह ईश्वर का आह्वान और प्रेम ही है जिसने मेरे बेटे को अपने लोगों की सेवा करने के लिए पुरोहित बनाया। कंधमाल उत्पीड़न के दौरान हमने जंगल में बिना खाए-पिए कई दिन और रातें बिताईं, लेकिन वे ईश्वर ही हैं जो हमारे सामने खड़े रहे।''

फादर प्रधान का जन्म 17 अगस्त 1995 को रायकिया स्थित चैरिटी की हमारी माता मरियम पल्ली के तहत मोंडाकिया में हुआ था। वे सात बच्चों में सबसे छोटे हैं। उन्होंने 2010 में विजय हाई स्कूल रायकिया से दसवीं कक्षा पूरी की। उन्होंने संत थॉमस एक्विनास कॉलेज गोपालपुर-ऑन-सी में दर्शनशास्त्र और ज्ञान दीप विद्यापीठ, पुणे में ईशशास्त्र का अध्ययन किया।

फादर बिनोद किरण किड़ो का जन्म 12 जुलाई 1992 को बागबुर्ह पल्ली कुसुमडेगी में हुआ था। 2008 में कुसुमडेगी में हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने सेमिनरी में प्रवेश किया। उन्होंने संत थॉमस एक्विनास कॉलेज गोपालपुर-ऑन-सी, गंजाम में दर्शनशास्त्र और ख्रीतो ज्योति महाविद्यालय, संबलपुर, सासोन में ईशशास्त्र का अध्ययन किया।

फादर स्माएल सोभासुंदर का जन्म 18 अगस्त 1995 को गोडापुर, कंधमाल में हुआ था। उनके चार भाई-बहन हैं। 2011 में कैपिटल हाई स्कूल भुवनेश्वर में हाई स्कूल के बाद, उन्होंने एक्विनास कॉलेज में दर्शनशास्त्र और ख्रीस्तो ज्योति महाविद्यालय, सासोन, संबलपुर में ईशशास्त्र का अध्ययन किया।

फादर सुकदेव नायक का जन्म 25 दिसंबर 1991 को दरिंगबाड़ी पल्ली के अंतर्गत कुपीबाड़ी में में हुआ था। उन्होंने 2011 में टोपाबाना हाई स्कूल खंडगिरि, भुवनेश्वर से मैट्रिक की पढ़ाई की। उन्होंने संत थॉमस अक्विनास कॉलेज गोपालपुर-ऑन-सी में दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया, और ख्रीस्तो ज्योति महाविद्यालय, संबलपुर, सासोन में ईशशास्त्र का अध्ययन किया।

फादर नबीन बलियारसिंह का जन्म 2 जुलाई 1996 को गोदापुर में बिलाश और सुषमा बलियारसिंह की चार संतानों में सबसे बड़े के रूप में हुआ था। उन्होंने 2011 में गोदापुर हाई स्कूल से दसवीं कक्षा पूरी की। उन्होंने दीमापुर, नागालैंड में दर्शनशास्त्र और ख्रीस्तो ज्योति महाविद्यालय, संबलपुर, सासोन में ईशशास्त्र का अध्ययन किया।

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25 November 2023, 14:38