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भारत के लिए वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माधय्क्ष लेओपोलदो जिरेल्ली भारत के लिए वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माधय्क्ष लेओपोलदो जिरेल्ली  

वाटिकन ने कंधमाल के 35 शहीदों की धन्य घोषणा प्रक्रिया को मंजूरी दी

वाटिकन ने ओडिशा के कंधमाल में 2008 में ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा के दौरान अपने विश्वास के लिए शहीद हुए 35 लोगों की धन्य घोषणा प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है।

वाटिकन न्यूज

भुनेश्वर, बृहस्पतिवार, 26 अक्टूबर 2023 (रेई) : वाटिकन ने ओडिशा के कंधमाल में 2008 में ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा के दौरान अपने विश्वास के लिए शहीद हुए 35 लोगों की धन्य घोषणा प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है।

भारत के लिए वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माधय्क्ष लेओपोलदो जिरेल्ली ने कटक भुनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष जॉन बरवा को प्रेषित एक संदेश में कहा कि वाटिकन के संत प्रकरण विभाग ने ईश सेवक कंथेश्वर डिगल एवं उनके साथियों की धन्य घोषणा की प्रक्रिया शुरू करने के लिए “कोई आपत्ति नहीं” (नो ऑबजेक्शन) पत्र दे दिया है।    

पत्र में कहा गया है कि वाटिकन विभाग के 2 अक्टूबर के पत्र को, प्रेरितिक राजदूत सहर्ष महाधर्माध्यक्ष को प्रेषित करते हैं।

विभाग ने महाधर्माध्यक्ष बरवा के 31 मई के पत्र का जवाब दिया है जिसमें वाटिकन से 35 लोगों को धन्य घोषित करने पर विचार करने का अनुरोध किया गया था।

महाधर्माध्यक्ष बरवा के प्रस्ताव को बेंगलुरु में 24-30 जनवरी को आयोजित बैठक के दौरान भारत के काथलिक धर्माध्यक्षों के सम्मेलन द्वारा वाटिकन को मंजूरी दे दी गई थी और सिफारिश की थी।

कंधमाल पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे सामाजिक कार्यकर्ता फादर अजय कुमार सिंह कहते हैं, "यह वास्तव में उन साधारण ग्रामीणों के लिए एक महान श्रद्धांजलि है, जिन्होंने कलवारी पर येसु का अनुसरण किया।"

फादर सिंह ने मैटर्स इंडिया को बताया कि कंधमाल के शहीद “विश्वास और येसु को इंकार करने के प्रलोभन के आगे झुक सकते थे क्योंकि अधिकांश हमलावरों ने मृत्यु या हिंदू धर्म में परिवर्तन का विकल्प दिया था। यह उनके विश्वास और आस्था का प्रमाण है कि वे आराम, परिवार और दुनिया से ऊपर हैं।''

ईश सेवक के बेटे राजेंद्र दिगल ने अपने पिता और अन्य लोगों को संत की उपाधि देने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देने के लिए वाटिकन को धन्यवाद दिया है। “यह मेरे लिए गर्व का क्षण है कि मेरे पिता ख्रीस्त में विश्वास के लिए मर गए। वे पूरी दुनिया में ईश्वर पर दृढ़ विश्वास के सच्चे गवाह हैं।''

35    शहीदों में 24 पुरूष और 11 महिलाएँ हैं :

1. फादर बेर्नार्ड डिगल

2. जुबोराज डिगल

3. सिबिनो प्रधान

4. राजापति डिगल

5.कंथेश्वर डिगल

6. विक्रम नायर

7. राजेश डिगल

8. त्रिनाथ डिगल

9. परिखिता नायर

10. सुचित्र डिगल

11. लेन्सा डिगल

12. सुबेदाना नायक

13. मायागिनी दिगल

14. झुनिमा पारीछा

15. बास्टिना मोंट्री

16. प्रिया दर्शनी नायक

17. डस्टिना पारीछा

18. सिरेल पारीछा

19. भूमिका दिग्गल

20. तपन नायक

21. बदानी दिगल

22. दिगम्बर दिग्गल

23. ललिता दिग्गल

24. ऑगस्टीन डिगल

25. तिलेश्वर पलटासिंह

26. कुन्दन मोनट्री

27. हेमन्त दिग्गल

28. बिभीसन दिगल

29. रेबोटी पारीछा

30. मेलानियो डिगल

31. कृष्णा नायक

32. जमादेई प्रधान

33. बलियारसिंह डीगल

34. गोण्डा दिघल

35. मेरी पानी

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26 October 2023, 16:55