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केरल में बाढ़ केरल में बाढ़  (AFP or licensors)

केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद हेतु धर्माध्यक्षों की अपील

मानसून के कारण केरल में जून से हो रही भारी बारिश से आये भीषण बाढ़ में अब तक करीब 334 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब तीन लाख लोग बेघर हो गये हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

नई दिल्ली, शनिवार, 18 अगस्त 2018 (ऊकान)˸ भारत के काथलिक धर्माध्यक्षों ने देशभर के ख्रीस्तियों का आह्वान किया है कि वे केरल में भीषण बाढ़ में फंसे लाखों लोगों की मदद हेतु एकजुट हों।   

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस ने एक वक्तव्य में कहा, "हम इस बड़े आपदा के कारण जीवन और संपत्ति के व्यापक नुकसान से परेशान हैं।"

सभी लोगों तक पहुँचना आवश्यक

कार्डिनल ग्रेसियस ने इस प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रव्यापी आपदा बतलाते हुए कहा कि हमें उन लोगों तक पहुँचने की अति आवश्यकता है जो दूरस्थ और दुर्गम गांवों में फंसे हैं और अलग हो गए हैं।

पेयजल एवं बिजली की समस्या

15 और 16 अगस्त को आये मुसलाधार वर्षा और बाढ़ की कहर में मरने वालों की संख्या 334 हो गयी है जबकि करीब 3 लाख लोग बेघर हैं।

राज्य के 14 जिलों में से 12 जिलों में बाढ़ की स्थिति है और एर्नाकुलम, पठानमथिट्टा और त्रिशूर जिलों के अधिकांश हिस्सों में बिजली ठप है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बस, रेल एवं विमान यातायात बाधित है। लोगों को घर के अंदर रहने अथवा किसी राहत शिविर में जाकर रहने की सलाह दी गयी है।

बाढ़ पीड़ितों की सहायता

सरकार 1,155 राहत शिविरों के करीब 200,000 लोगों के लिए भोजन और पेयजल पहुँचाने की कोशिश कर रही है।

कार्डिनल ग्रेसियस ने धर्माध्यक्षों एवं कलीसिया के सभी धर्मगुरूओं से अपील की है कि वे एकजुट हों। उन्होंने सभी विश्वासी समुदायों, संस्थाओं एवं भली इच्छा रखने वाले लोगों से इस विकट परिस्थिति में उदारतापूर्वक मानवीय सहायता प्रदान करने एवं उनके प्रति एकात्मता व्यक्त करने की सलाह दी है।

राज्य के 41 धर्मप्रांतों के गिरजाघरों, स्कूलों, प्रेरितिक केंद्रों एवं अन्य संस्थाओं के घरों को पीड़ित लोगों के लिए खोल दिया गया है। त्रिवेंद्रम के मछवारों से भी अपील की गयी है कि वे अपनी नाव के साथ राहत कार्य में सहयोग दें।

काथलिक उदारता संगठन कारितास इंडिया के निदेशक फादर पौल मूनजेली ने बाढ़ की स्थिति को अकल्पनीय त्रासदी मानते हुए बतलाया कि "कलीसिया केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद हर संभव करने की कोशिश कर रही है।"  

गोवा महाधर्मप्रांत द्वारा पीड़ितों की सहायता

गोवा के महाधर्माध्यक्ष फिलिप नेरी फेर्राओ ने अपने महाधर्मप्रांत के सभी पल्ली पुरोहितों, संस्थाओं के अधिकारियों एवं महाधर्मप्रांत के अन्य संस्थाओं के अपील की है कि वे केरल के बाढ़ पीड़ितों की सहायता करें एवं उनके लिए प्रार्थना करें।

उन्होंने 17 अगस्त को एक पत्र जारी करते हुए कहा, "हमने संचार के विभिन्न माध्यमों द्वारा केरल में अत्यधिक बारिश के कारण बाढ़ एवं भूस्खलन की खबर सुनी है जिसके कारण बहुत अधिक नुकसान हुआ है और कई जानें भी गयी हैं। करीब 2 लाख से अधिक लोग घर से बाहर हैं जबकि बाढ़ के कारण जल स्तर बढ़ रहा है जो राज्य में खतरा को अधिक बढ़ा रहा है।"

उन्होंने लिखा, "गोवा की कलीसिया मौत के शिकार लोगों एवं लाखों बेघर लोगों के  प्रति एकात्मता एवं सहानुभूति प्रकट करती है। हम इस त्रासदी के कारण निसहाय लोगों के लिए विशेष प्रार्थना की अपील करते हैं खासकर, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है तथा जो घायल हैं अथवा जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है।"

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन का समाज सेवा विभाग भी बाढ़ पीड़ितों की मदद केरल सरकार के साथ कर रहा है।  

मानवता पर विश्वास को बल प्रदान करना

महाधर्माध्यक्ष ने कहा है कि संकट की स्थिति का सामना करने के लिए खड़े होने का समय आ गया है। उन्होंने अपने विश्वासियों से अपील की है कि वे केरल के लोगों के पुनःनिर्माण एवं मानवता में उनके विश्वास को बल प्रदान करने के लिए उनकी मदद करें।

प्रार्थना एवं ठोस सहायता के माध्यम से मदद

उन्होंने लिखा, "दुःख की इस घड़ी में हमें उन भाइयों एवं बहनों तक पहुँचने की आवश्यकता है जो संकट में हैं, न केवल प्रार्थनाओं किन्तु ठोस सहायता प्रदान करने के द्वारा। प्राकृतिक आपदाओं के समय गोवा की कलीसिया पहले से ही उदार रही है।"

महाधर्माध्यक्ष ने अपने इस प्रेरितिक पत्र को रविवार 19 अगस्त को सभी पल्लियों एवं संस्थाओं मे पढ़कर सुनाने की अपील भी की है।

18 August 2018, 12:42