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निकारागुआ के काथलिक धर्माध्यक्षगण निकारागुआ के काथलिक धर्माध्यक्षगण  

निकारागुआ धर्माध्यक्षों द्वारा अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को आह्वान

निकारागुआ के काथलिक धर्माध्यक्षों ने राष्ट्रपति ओरतेगा को एक पत्र लिखकर हिंसा समाप्त करने हेतु आह्वान किया है तथा अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की

जूलयट क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

मानागुआ, शुक्रवार, 27 जुलाई 2018 (रेई,वाटिकन रेडियो): निकारागुआ के काथलिक धर्माध्यक्षों ने राष्ट्रपति ओरतेगा को एक पत्र लिखकर राष्ट्र में व्याप्त हिंसा को समाप्त करने हेतु वार्ताओं का आह्वान किया है तथा अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह निकारागुआ की समस्याओं पर ध्यान दे।

शनिवार को होनेवाले एक और प्रदर्शन के मद्देनजर, धर्माध्यक्षों ने बुधवार को राष्ट्रपति ओर्तेगा को सीधे एक पत्र भेजा है। हालांकि, पत्र की सटीक सामग्री अज्ञात है फिर भी काथलिक धर्माध्यक्ष सरकार विरोधी समूहों और सरकार के बीच तनाव को दूर करने हेतु अपने मनोरथ में स्पष्ट हैं। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि धर्माध्यक्ष निकारागुआ के लोगों के साथ हैं।

कार्डिनल ब्रेनेस की अपील

26 जुलाई को सन्त जेम्स के पर्व के दिन मानागुआ के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल लेओपोल्दो ब्रेनेस ने जिनोतेपे स्थित सन्त जेम्स गिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित किया। यह वही गिरजाघर है जिसमें 10 जुलाई को उग्रवादियों ने तोड़-फोड़ मचाई थी। कार्डिनल ब्रेनेस ने विश्वासियों से अपील की कि वे हिंसा का उत्तर हिंसा से नहीं दें इसलिये कि केवल प्रेम से घृणा पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

एस्तेली के धर्माध्यक्ष आबेलार्दो माता ने एक वकतव्य में लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शनों एवं प्रार्थनाओं को जारी रखने की अपील की। साथ ही सरकार समर्थित अर्द्धसैन्य दलों द्वारा गिरजाघरों में तोड़-फोड़ एवं अपवित्रीकरण को रोके जाने की मांग की है।


कलीसिया पर अत्याचार

इसी बीच, वाटिकन न्यूज़ से बातचीत में निकारागुआ राष्ट्रीय सम्वाद परिषद के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष कार्लोस आविलेज़ ने कहा कि कलीसिया सरेआम अत्याचार सह रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ओर्तेगा धर्माध्यक्षों को तख्तापलट नेता कहते हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को समर्थन देनेवालों को आतंकवादी कहकर पुकारते हैं।

धर्माध्यक्ष आविलेज़ ने बताया कि मानागुआ में कई पुरोहितों को मौत की धमकियाँ दी गई हैं तथा हाल ही में दो गिरजाघरों पर हमले किये गये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ओर्तेगा अपने कार्यकाल को बढ़ाने के लिये संविधान का हवाला देते हैं जबकि वे ख़ुद असंवैधानिक रूप से सत्ता में आये है।

कलीसिया लोगों के संग

सरकार विरोधी दलों एवं सरकारी अर्द्धसैन्य दलों को वार्ताओं द्वारा समस्याओं के समाधान हेतु आमंत्रित कर उन्होंने कहा, "कलीसिया हमेशा लोगों के पक्ष में होगी, उनका समर्थन करेगी, उनकी मदद करेगी।

शनिवार के प्रदर्शन के सन्दर्भ में धर्माध्यक्ष ने कहा कि हिंसा को रोकने का एक ही रास्ता है और वह यह कि सरकार अपने बलों को हटा लें क्योंकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का नागरिक अधिकार है। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे लोगों के मौलिक अधिकारों का सम्मान करें।

 

27 July 2018, 16:09