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यूक्रेन में संघर्ष यूक्रेन में संघर्ष  (AFP or licensors) संपादकीय

युद्ध के धार्मिक औचित्य के खिलाफ संत पापा फ्राँसिस के शब्द

संत पापा का संदेश यूक्रेन के खिलाफ "अस्वीकार्य सशस्त्र आक्रमण" को रोकने की अपील है। वे हमें याद दिलाते हैं कि जो लोग हिंसा का समर्थन करते हैं, वे ईश्वर के नाम का अपमान करते हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 14 मार्च 2022 (वाटिकन न्यूज) : "ईश्वर के नाम पर, मैं आपसे कहता हूँ: इस नरसंहार को रोकें!" संत पापा फ्राँसिस ने रविवार, 13 मार्च को, रोम के धर्माध्यक्ष चुने जाने की नौवीं वर्षगांठ के दिन, संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में देवदूत प्रार्थना के बाद कहा। अपनी अपील के दौरान, संत पापा ने मारियुपोल के पीड़ितों के साथ-साथ "बच्चों, निर्दोषों और निहत्थे नागरिकों की हत्या की बर्बरता" को याद किया। उन्होंने "शहरों को कब्रिस्तानों में परिवर्तित होने" से पहले "सशस्त्र आक्रामकता" को समाप्त करने के लिए भी कहा और उन्होंने पड़ोसी देशों को कई शरणार्थियों को दिए गए स्वागत के लिए अपना आभार व्यक्त किया।  अंत में संत पापा ने  सभी को शांति के लिए प्रार्थना के समय को बढ़ाने के लिए कहा।


अपने संदेश के अंतिम भाग में, संत पापा फ्राँसिस चल रहे नरसंहारों को सही ठहराने के लिए धर्म के विकृत उपयोग पर स्पष्ट और दृढ़ थे: "ईश्वर केवल शांति के ईश्वर हैं, वह युद्ध के ईश्वर नहीं हैं और जो लोग हिंसा का समर्थन करते हैं वे उनके नाम को अपवित्र करते हैं।" ये वही भाव हैं जो हाल के वर्षों में संत पापा फ्राँसिस और उनके पूर्ववर्तियों, संत पापा जॉन पॉल द्वितीय और संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें द्वारा घृणा, हिंसा और आतंकवाद को सही ठहराने के लिए ईश्वर के नाम के उपयोग के खिलाफ कई बार चेतावनी दी गई।

इस बार, हालांकि, जिन लोगों को संत पापा की अपील में संबोधित किया जा रहा है, वे जिहादी कट्टरपंथी नहीं हैं, लेकिन कोई भी जो सोचता है कि यूक्रेन में युद्ध के लिए एक धार्मिक "आवरण" या एक धार्मिक स्पष्टीकरण हो सकता है - जिसमें ख्रीस्तीय जो समान बपतिस्मा साझा करते हैं, बमों से हताहत हो रहे हैं।

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14 March 2022, 16:16