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सिनॉड की पाँचवीं सभा में इंसत्रुमेनतुम लबोरिस पर विचार करते सिनॉड के प्रतिभागी सिनॉड की पाँचवीं सभा में इंसत्रुमेनतुम लबोरिस पर विचार करते सिनॉड के प्रतिभागी 

सिनॉड के धर्माध्यक्ष, हम "गुगल ईश्वर" पर विश्वास नहीं करते

युवाओं पर धर्माध्यक्षीय धर्मसभा में 10 अक्टूबर को विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए उस सामाजिक पृष्टभूमि पर प्रकाश डाला गया, जिसमें युवा अपने विश्वास को जीने का प्रयास करते हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन संचार विभाग के अध्यक्ष पाओलो रूफिनी ने 10 अक्टूबर के प्रेस ब्रीफिंग की शुरूआत करते हुए सिनॉड की बातों को प्रस्तुत किया। उन्होंने बतलाया कि युवा आज जिस पृष्टभूमि पर अपने को पाते हैं उस पर विश्लेषण करते हुए धर्माध्यक्षों ने "इंस्त्रुमेंतुम लाबोरिस" के दूसरे भाग पर काम करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि चीन के धर्माध्यक्ष सिनॉड में अंत तक भाग नहीं ले पायेंगे क्योंकि सिनॉड द्वारा निमंत्रण दिये जाने से पहले ही वे किसी दूसरे काम के लिए वचनबद्ध हो चुके थे।  

हस्तक्षेप

रूफिनी ने बतलाया कि सिनॉड में कई मुद्दों के बीच साथ देने, प्रशिक्षण, बुलाहट, नया अधिनायकवाद (ऐसी चीजें जो युवाओं को कैद कर लेतीं तथा उनकी स्वतंत्रता छीन लेती हैं।) तथा एक सुरक्षित स्थान का निर्माण किस तरह से की जाए ताकि उन्हें अच्छाई की परख करने हेतु मदद दिया जा सके, आदि विषयों पर चर्चा की गयी। उन्होंने बतलाया कि इस बहस में यह भी कहा गया कि कलीसिया को एक "गुगल गॉड" तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह भी स्वीकार किया गया कि कलीसिया युवाओं का साथ देने में असफल रही है और विवाह को केवल एक समारोह तक सीमित नहीं किया जा सकता है।

सामाजिक सच्चाई में एक परिवर्तन

मेक्सिको के कार्डिनल कार्लोस अगुइयार रेते ने कहा कि हर युग में सामाजिक संरचना के अनुकूल होने के लिए सबसे ज्यादा संघर्ष करने वाले युवा हैं।

उन्होंने कहा कि हम टूटे समाज के युग में जी रहे हैं। इसका अर्थ है कि कलीसिया को युवाओं की मदद करना चाहिए। कार्डिनल ने कहा कि द्वितीय वाटिकन महासभा का आमदृष्टिकोण, स्थिरता एवं रास्ता आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।

लक्ष्मबर्ग के महाधर्माध्यक्ष जाँ क्लौदे होल्लेरिक ने कहा कि विश्व एक सभ्यता की गहराई और इसमें हो रहे गंभीर परिवर्तन को महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि वे युवाओं से सम्पर्क रखते हैं कुछ युवा धर्माध्यक्षीय आवास पर भी रहते हैं तथा वे महसूस करते हैं कि वे अलग तरह से जीते हैं। कई युवाओं ने एक भी किताब नहीं पढ़ी है जबकि वे नेटफ्लिक्स (नेटफ्लिक्स एक कंपनी है जो इंटरनेट द्वारा फिल्मों, टेलीविजन श्रृंखला और अन्य मनोरंजन सामग्री के वितरण का काम करती हैं) देखते और उसका हवाला देते हैं।  महाधर्माध्यक्ष ने प्रभेद के संबंध में कहा कि हम इसे श्वेत और काले रुप में नहीं देख सकते हैं बल्कि यह विभिन्न रंगों का चुनाव करते हुए वास्तविकता को रंगीन बनना  है। आत्मजाँच का तात्पर्य विचारों का मतभेद भी नहीं है किन्तु सुनने और समझने की क्षमता है जहाँ हम यह देखने का प्रयास करते हैं कि ईश्वर हमसे क्या चाहते हैं।  

अधिनायकवाद

कार्डिनल रेते ने कहा कि अधिनायकवाद हमेशा समाज के लिए प्रलोभन रहा है, खासकर, राजनीतिक एवं आर्थिक क्षेत्र में। उन्होंने बतलाया कि सिनॉड में विभिन्न तरह के अधिनायकवाद पर बहस किया गया। उन्होंने वेब में गुमनाम पर चर्चा की जो कतिपय विचारधाराओं को उत्पन्न करने हेतु हेरफेर करता है।

महाधर्माध्यक्ष होल्लेरिक ने कहा कि वे यूरोप में लोकलुभावनवाद के लिए चिंतित थे। उन्होंने कहा कि यह यूरोप में विभाजन ला सकता है। यह महाद्वीप की स्थिरता को ही खतरे में डाल रहा है। महाधर्माध्यक्ष ने बतलाया कि सिनॉड में राजनीति पर सीधे बातें नहीं की गयीं किन्तु उनका विश्वास है कि यदि हाशिये पर जीवन यापन करने वालों पर ध्यान दिया जाएगा तो लोकलुभावनवाद के विस्तार को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सिनॉड लोकलुभावनवाद की एक अच्छी औषधि है।

प्रसन्नचित सहयोग

अमरीका की एक लोकधर्मी ऑडिटर ब्रीयाना रेजिना संतियागो ने प्रेस ब्रीफिंग में बतलाया कि युवाओं ने बहस किया है तथा वे दल में विचार-विमार्श करने के लिए बुलाये गये हैं। उन्होंने कहा कि सिनॉड में भाग लेना कितना सुन्दर है जिसकी व्याख्या वे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। सिनॉड में एक खुला विवाद था जिसने उनकी आँखों को खोल दिया तथा उनके बीच एक अच्छा अंतर-पीढ़ी वार्तालाप हुआ।

11 October 2018, 15:36