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धर्माध्यक्षीय धर्मसभा 2018 धर्माध्यक्षीय धर्मसभा 2018  (AFP or licensors)

सिनॉड प्रेस ब्रीफिगःसुनने, हृदय परिवर्तन एवं महिलाओं की भूमिका

9 अक्टूबर को धर्माध्यक्षीय धर्मसभा की प्रेस ब्रीफिंग में, सुनने, हृदय परिवर्तन एवं कलीसिया में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा की गयी।

माग्रेट सुनीता निंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार,10 अक्टूबर 2018 (रेई) : मंगलवार 9 अक्टूबर के प्रेस ब्रीफिंग में मुम्बई के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ग्रेसियस ओसवाल्ड, फ्राँस से सिस्टर नतालिया बेक्वार्ट और कनाडा के कार्डिनल जेराल्ड सिप्रियन ला क्रोइक्स मुख्य प्रवक्ता थे।

कार्डिनल ग्रेसियस ओसवाल्ड ने कहा कि दुनिया भर के युवा लोगों की अलग-अलग परिस्थितियों और संदर्भों के बावजूद उनकी मूल आकांक्षाएं समान हैं। वे चाहते हैं कि हम उनकी बातों को गंभीरता से सुनें, उन्हें योगदान करने की अनुमति दें और वे चाहते हैं कि हम उन पर भरोसा करें।

सुनना

सिस्टर नतालिया बेक्वार्ट ने कहा, "सिनॉड में ‘सुनना’ एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।" सिनॉड का पहला चरण, युवा लोगों की सामाजिक स्थिति को सुनने के बारे में रहा है, लेकिन आज की परिस्थिति में ईश्वर की गतिविधियों को देखना और सुनना है। कार्डिनल ग्रेसियस ने कहा कि धर्माध्यक्षों ने सिनॉड की तैयारी के दौरान युवाओं को सुनना शुरू कर दिया था। उस चरण के दौरान सिनॉड समिति द्वारा युवाओं को भेजे गए प्रश्नावली के 1लाख से अधिक उत्तर प्राप्त हुए थे।

कार्डिनल जेराल्ड सिप्रियन ने कहा कि सिनॉड असेंबली में युवा लोगों ने छोटे समूहों में अपने विचारों को साझा किया, वे शक्तिशाली आदान-प्रदान थे। उन्होंने कहा कि सभा में सुनने की प्रक्रिया में कुछ नये बिन्दुओं पर प्रकाश डाला गया। उसके बाद कुछ देर मौन रहने का समय दिया गया जिससे प्रतिभागियों ने जो कुछ सुना उसे चिंतन करने और आत्मसात करने का समय मिला।

कार्डिनल ग्रेसियस ने कहा कि वे वास्तव में युवाओं की बातों को सुनकर भावाकुल हो गये कि विश्व के हर क्षेत्र से आयु युवाओं ने कलीसिया की पूजनविधि को बेहतर और सजीव बनाने की अर्ज की। उन्होंने कहा कि सिनॉड की प्रक्रिया का पहला भाग सामाजिक डेटा पर केंद्रित है। प्रक्रिया के दूसरे भाग में वे इस डेटा का विश्लेषण करेंगे और फिर, तीसरे भाग में, प्रेरितिक प्रतिक्रियाओं और कार्यक्रमों पर विचार करेंगे।

हृदय परिवर्तन

मडागास्कर के कार्डिनल डेसीर ताराहाज़ाना ने कहा, “सिनॉड में संबोधित किया गया कि कलीसिया में अशांति और हंगामा होने के बावजूद, युवा लोग अभी भी कलीसिया में सक्रिय हैं। वे कलीसिया से दूर नहीं गये हैं। मडागास्कर में कलीसिया ने सभी विश्वासियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जीवन और विश्वास को अलग नहीं किया जा सकता। पूरी कलीसिया के हृदय परिवर्तन की आवश्यकता है। कार्डिनल ताराहाज़ाना ने कहा कि अत्यंत गरीबी और बेरोजगारी भ्रष्टाचार का कारण बनता है। एक अवसाद की तरह, युवा लोग इस से संक्रमित हो जाते हैं - अक्सर युवा लोग डिप्लोमा खरीदते हैं और नौकरियां खरीदने की कोशिश करते हैं क्योंकि वे निराश और मायूस हो गये हैं। उन्होंने कहा कि अन्याय असुरक्षा का पक्ष लेता है और यदि हमने जीवन और विश्वास को अलग नहीं किया है तो हम खुद को ऐसी चरम गरीबी की वर्तमान स्थिति में नहीं पाएंगे।

महिलाएँ

सभा के दौरान कलीसिया में महिलाओं के मुद्दे पर फिर से संबोधित किया गया था। कार्डिनल ग्रेसियस ने कहा कि संत पापा फ्राँसिस कलीसिया में महिलाओं की जिम्मेदारी और निर्णय लेने की स्थिति में परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे यह देखकर काफी प्रभावित हुए कि महिलाओं का मुद्दा युवा लोगों की ओर से आया क्योंकि वे ऐसी दुनिया में रहते हैं जिसमें पुरुषों और महिलाओं के बीच संबंध बदल गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के मुद्दे को कई धर्ममाध्यक्षों द्वारा लाया गया था और इससे उन्हें विश्वास होता है कि कलीसिया में महिलाओं की भूमिका और जिम्मेदारी का मुद्दा सुना गया है। उन्होंने कहा कि सिनॉड के प्रतिभागी पुरुषों और महिलाओं के एक समावेशी कलीसिया के रूप में एक साथ रहने और आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

10 October 2018, 17:12