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वेदी सेवकों के साथ संत पापा वेदी सेवकों के साथ संत पापा   (AFP or licensors)

सब कुछ में ईश्वर को महिमा दें,संत पापा फ्राँसिस

संत पापा फ्राँसिस ने संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में एक असाधारण आमदर्शन समारोह के दौरान रोम की तीर्थयात्रा पर आये 70,000 से अधिक वेदी सेवकों से सबकुछ में ईश्वर को महिमा देने को कहा।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 1 अगस्त 2018 (रेई) :  संत पापा फ्राँसिस ने मंगलवार 31 जुलाई शाम को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में वेदी सेवकों की 12वीं अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रा में करीब 70,000 युवाओं के साथ मुलाकात की। यूरोप के 19 देशों से तीर्थयात्रा में भाग लेने वाले युवकों और युवतियों की उम्र 13 से 23 साल के बीच की है।

सब कुछ में ईश्वर को महिमा दें

संत पापा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में सभी समय और सब कुछ में ईश्वर को महिमा दें।  “येसु के मित्र होने का यही मतलब है।" हमारी अनिश्चिता में यह हमारी मार्गदर्शिका हो सकती है। उन्होंने कहा, "ईश्वर की महिमा हमारे नैतिक कंपास की सुई है।" इसके द्वारा हम ईश्वर की आवाज को पहचानते हैं और उसकी इच्छा जान सकते हैं। (1कुरि 10,31)

हर किसी को प्रसन्न रखें

संत पापा फ्राँसिस ने युवाओं को दूसरों को प्रसन्न रखने के लिए संत पौलुस के उपदेश का अभ्यास करने हेतु प्रोत्साहित किया ताकि वे मुक्ति प्राप्त कर सकें। (1कुरि 10:33)

 उन्होंने कहा कि हम दूसरों को उनके अंधकारमय जीवन से बाहर निकालकर प्रकाश में ला सकते हैं। यह उनके साथ दोस्त बने रहने के अलावा "ईश्वर के प्यार और विश्वास की खुशी" दोनों को दर्शाता है। संत पापा फ्राँसिस ने कहा, "अगर हम ऐसा करते रहें, तो हम हमारे भाइयों और बहनों को, हमारे एक मात्र उद्धारकर्ता येसु मसीह को जानने में मदद करेंगे"।

मिशन असंभव बिलकुल भी नहीं

संत पापा ने कहा, "शायद आप सोच रहे होंगे कि येसु के मिशन के लिए आप क्या कर सकते हैं? क्या यह आपके लिए बहुत ज्यादा नहीं है? ''  संत पापा ने कहा कि मिशन निश्चित रूप से बड़ा है, "लेकिन यह असंभव बिलकुल भी नहीं है"। संत पौलिस हमें कुंजी प्रदान करते हैं जब वे अपना अनुकरण करने के लिए कहते हैं क्योंकि वे मसीह का अनुकरण करते हैं (1कुरि11:1)। मसीह और संतों का अनुकरण करना हमारे मिशन को पूरा करना संभव बनाता है। "वे जीवित सुसमाचार हैं, क्योंकि उन्होंने मसीह के संदेश को अपने जीवन में अनुवादित किया है।"

संतों का अनुसरण

संत पापा फ्राँसिस ने लोयोला के संत इग्नासियुस के पर्व दिन में उनका ही उदाहरण देते हुए युवाओं से कहा। एक युवा सैनिक के रूप में, इग्नासियुस अपने नाम और यश के पीछे था, परंतु उपयुक्त समय में, वह ईश्वर की महिमा की ओर आकर्षित हुआ। वहां उन्होंने जीवन और हृदय के अर्थ की खोज की। संत पापा ने संतो को अपना आदर्श बनाने हेतु प्रेरित करते हुए कहा,“आइए, हम संतों की अनुसरण करें। जो कुछ भी हम कहें या करें, सबकुछ ईश्वर की महिमा के लिए और हमारे भाइयों और बहनों के उद्धार के लिए करें। लेकिन सावधान रहें और याद रखें: संतों का अनुसरण करते हुए, पवित्रता के इस रास्ते में, आलसी युवा लोगों के लिए कोई जगह नहीं है।”

01 July 2018, 16:27