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मडागास्कर के गरीब मडागास्कर के गरीब  (AFP or licensors)

गरीबों का क्रंदन सुनने की कृपा हेतु प्रार्थना करें, संत पापा

संत पापा फ्रांसिस ने तीसरे ‘विश्व गरीब दिवस’ के अवसर पर अपना संदेश प्रेषित करते हुए कहा कि गरीबों की आशा कभी व्यर्थ नहीं होगी। संत पापा फ्राँसिस ने सभी लोगों को गरीबों के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 16 नवम्बर 2019 (रेई) : काथलिक कलीसिया पंचांग वर्ष के 33वें रविवार को गरीबों को समर्पित विश्व दिवस मनाती है। इसी के मद्देनजर संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 16 नवम्बर ट्वीट प्रेषित कर सभी ख्रीस्तियों को गरीबों के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया।

संदेश में उन्होंने लिखा, “आइए, हम ईश्वर से गरीबों के क्रंदन को सुनने की कृपा के लिए प्रार्थना करें। यह कलीसिया की आशा का क्रंदन है।”

धर्मग्रंथ में हम पाते हैं कि ईश्वर उनकी कराह को सुनते और उनकी सहायता हेतु आते हैं। ईश्वर गरीबों की “रक्षा” करते और उन्हें “बचाते” हैं। वास्तव में गरीब ईश्वर को अपने प्रति कभी उदासीन नहीं पाते हैं विशेष कर जब वे अपनी प्रार्थना में उन्हें पुकारते हैं। (स्तोत्र.40.18,70.6) ईश्वर गरीबों के आश्रय हैं वे उनकी सहायता में कभी असफल नहीं होते हैं। (स्तोत्र.10.14)

येसु का गरीबों संग संबंध

संत पापा फ्राँसिस ने गरीबों को समर्पित विश्व दिवस के अवसर पर अपने संदेश में लिखा कि येसु ख्रीस्त अपने को गरीबों के साथ संयुक्त करने से नहीं डरते हैं, “जो कुछ तुमने मेरे इन छोटे भाइयों के लिए किया वह मेरे लिए किया।” (मत्ती.25.40) यदि हम अपने को गरीबों के साथ संयुक्त नहीं करते तो हम सुसमाचार को झुठलाते हैं और ईश्वरीय प्रकटीकरण को व्यर्थ कर देते हैं। येसु ने अपने पिता की उदारता, करुणा, शर्तहीन प्रेम को हमारे लिए व्यक्त किया है। वे विशेष रुप से उनके लिए जो अपने में हताश औऱ मायूस रहते भविष्य में आशावान बने रहने की कृपा प्रदान करते हैं।

16 November 2019, 16:21