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समाज के घावों को सुसमाचार द्वारा चंगा करें, सिसली में संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 15 सितम्बर को, अपनी एक दिवसीय यात्रा के दौरान पियात्सा अरमेनिया शहर में विश्वासियों से मुलाकात की, उसके बाद सिसली की राजधानी पलेरमो गये जहाँ उन्होंने धन्य डॉन (फादर) पिनो पुलियेसी की शहादत की 25वीं वर्षगाँठ पर ख्रीस्तयाग अर्पित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

पियात्सा अरमेनिया, शनिवार, 15 सितम्बर 2018 (रेई)˸ पियात्सा अरमेनिया धर्मप्रांत के विश्वासियों को सम्बोधित करते हुए संत पापा ने स्वीकार किया कि उन्हें कई समस्याओं एवं घावों को झेलना पड़ा है, खासकर, सामाजिक एवं संस्कृतिक विकास की कमी, श्रमिकों का शोषण, युवाओं के लिए उचित रोजगार के अभाव, पूरे परिवार के विस्थापन, सूदखोरी, शराब और अन्य व्यसन, जुआ और टूटे परिवार के द्वारा। 

करुणावान कलीसिया

संत पापा ने उनके "अत्यधिक दुःख के सामने" उनसे अपील की कि वे एक ऐसी कलीसियाई समुदाय का निर्माण करें जो सक्रिय और जोशीला हो, जो दया का प्रचार करने के नये रास्तों की खोज करें, सबसे बढ़कर उन भाई-बहनों के लिए जो असुरक्षा, अविश्वास, और विश्वास के संकट की स्थिति में हैं।"

उन्होंने कहा कि विश्वास तभी सुदृढ़ होता है जब इन मानवीय पीड़ाओं में व्यक्ति प्रभु के घावों को पहचानना सीख जाता है। अतः उन्होंने उन्हें प्रोत्साहन दिया कि वे अपने क्षेत्र में नवीन सुसमाचार प्रचार हेतु अपने को समर्पित करें।    

संत पापा ने कहा कि ईशवचन एवं विश्वासियों का समुदाय कलीसिया के हाथ हैं जो उन लोगों तक पहुँचती हैं जो शारीरिक एवं आध्यात्मिक रूप से परास्त महसूस करते हैं अथवा हाशिये पर जीवन जीने के लिए मजबूर हैं।  

मिशनरी कलीसिया

उन्होंने कहा मिशनरी उदारता की कलीसिया, लोगों पर हो रही बुराइयों के कारण सुसमाचारी दयालुता एवं करुणा के प्रेरित बनने के द्वारा निर्मित होती है। संत पापा ने स्मरण दिलाया कि ख्रीस्तीय उदारता केवल सहायता देना नहीं है, बल्कि उससे बढ़कर परेशानी के मूल को उखाड़ फेंकना है।  

युवा

संत पापा ने गौर किया कि कलीसिया की मिशनरी उदारता युवाओं और उनकी समस्याओं पर विशेष ध्यान देती है। अतः उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहन दिया कि वे अपने लक्ष्य को बनाने के कुशल शिल्पकार बनें क्योंकि येसु उनके विश्वस्त मित्र हैं।

युखरिस्तीय समुदाय

कलीसिया को एक युखरिस्तीय समुदाय बतलाते हुए संत पापा ने कहा कि यह युखारिस्त ही है जिसके द्वारा विश्वासी ख्रीस्त के प्रेम को ग्रहण करते तथा दुनिया की गलियों में अपने भाई-बहनों तक जाते हैं।

पुरोहित

संत पापा ने धर्मप्रांत के पुरोहितों को भी सम्बोधित कर कहा कि वे अपने धर्माध्यक्ष के साथ संयुक्त रहें, विभाजन एवं पूर्वाग्रह से बचें, ताकि अपनी भूमि के कठिन इतिहास पर चिंतन कर सकें तथा मुक्ति के रास्ते की खोज करें, अपने विश्वासियों के लिए एक सच्ची स्वतंत्रता का रास्ता ढ़ूँढ़ें।

संत पापा ने पियात्सा अरमेनिया में विश्वासियों को सम्बोधित करते हुए डॉन पुलियेसी की भी याद की तथा कहा कि उनकी विरासत न केवल पुरोहितों के लिए बल्कि धर्मप्रांत के सभी विश्वासियों के लिए है कि वे येसु के प्रेम से भाई बहनों की सेवा अंत तक करते रहें।

15 September 2018, 14:50