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संत पापा जॉन पौल द्वितीय की मोरोक्को यात्रा में राजा हस्सान द्वितीय से मुलाकात संत पापा जॉन पौल द्वितीय की मोरोक्को यात्रा में राजा हस्सान द्वितीय से मुलाकात 

संत पापा की मोरोक्को यात्रा पर महाधर्माध्यक्ष लोपेज की आशा

संत पापा फ्राँसिस की मोरोक्को यात्रा के मद्देनजर राबात के महाधर्माध्यक्ष क्रिस्तोबल लोपेज ने यात्रा के कार्यक्रमों की सूची एवं इस यात्रा में अपनी आशा पर प्रकाश डाला।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 26 फरवरी 2019 (रेई) संत पापा फ्राँसिस मार्च महीना के अंत में मोरोक्को की प्रेरितिक यात्रा करेंगे। मोरोक्को की दो दिवसीय यात्रा में वे अंतरधार्मिक वार्ता, आप्रवासियों से मुलाकात, धर्माध्यक्षों को सम्बोधन एवं काथलिकों के विश्वास को सुदृढ़ करने आदि कार्यक्रमों को सम्पन्न करेंगे।  

संत पापा फ्राँसिस की मोरोक्को यात्रा के मद्देनजर राबात के महाधर्माध्यक्ष क्रिस्तोबल लोपेज ने यात्रा के कार्यक्रमों की सूची एवं इस यात्रा में अपनी आशा पर प्रकाश डाला।

एक अर्थपूर्ण यात्रा

महाधर्माध्यक्ष लोपेज ने कहा कि संत पापा फ्राँसिस की यात्रा वहाँ की कलीसिया के लिए एक महान अवसर होगी, बल्कि यह अत्यन्त महत्वपूर्ण दो दिवसीय यात्रा पूर्ण रूप से सार्थक भी होगी। मोरोक्को में संत पापा राबात और कासाब्लांका का दौरा करेंगे। इस दौरान वे आप्रवासी केंद्र का दौरा करेंगे जो कारितास द्वारा संचालित है तथा एक सामाजिक केंद्र की भेंट करेंगे जो कारितास की पुत्रियों द्वारा संचालित है।

संत पापा वहाँ मोहम्मद छाटवें संस्थान का भी दौरा करेंगे जहाँ मुस्लिम समुदाय की सेवा हेतु इमामों का प्रशिक्षण केंद्र है। उम्मीद की जा रही है कि संत पापा फ्राँसिस राजा मोहम्मद छाटवें और देश के धर्माध्यक्षों से भी मुलाकात करेंगे। 

     

काथलिकों की संख्या

मोरोक्को में काथलिकों की संख्या यद्यपि कम है तथापि महाधर्माध्यक्ष लोपेज ने कहा कि "मोरोक्को में संत पापा एक विश्वव्यापी चरवाहे, सभी काथलिक ख्रीस्तियों के पिता और एक भले व्यक्ति के रूप में उनके पास आ रहे हैं जो सभी लोगों से मुलाकात करना चाहते हैं। वे सभी लोगों के लिए अपने आपको आशा के सेवक के रूप में प्रस्तुत करते हैं। वे हमें आशा दिलाने, दृढ़ता प्रदान करने, निरूत्साह से बाहर निकलने, उत्साह से भरने और हमारे लिए सुसमाचार की घोषणा करने आ रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होगी किन्तु उनका विश्वास है कि लोग संत पापा को देखने के लिए धीरज से उनका इंतजार करेंगे। वे अत्याधिक उत्सुक हैं कि संत पापा मोरोक्को में ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे तथा चिंतन करेंगे कि यूखारिस्त किस तरह से काथलिक जीवन का स्रोत और पराकाष्ठा है।   

व्यक्तिगत आशा

महाधर्माध्यक्ष लोपेज ने यात्रा पर अपनी व्यक्तिगत आशा के बारे भी बतलाया। उन्होंने कहा, "हम उन्हें एक मानव व्यक्ति के रूप में स्वागत करेंगे, ख्रीस्त के एक प्रतीक के रूप में, उस आवाज के रूप में जो सुसमाचार के संदेश की घोषणा करती है। हमारा मकसद और हमारी चाह केवल उनसे हाथ मिलाना अथवा सेल्फी लेना न हो बल्कि हमें उनके वचनों को सुनना, उनसे संदेश ग्रहण करना तथा अपने शब्दों एवं वचनों द्वारा उनका साक्ष्य देना चाहिए। एक कहावत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब एक बुद्धिमान व्यक्ति अपनी अंगुली से सूर्य की ओर इशारा करता है तब मूर्ख व्यक्ति उसकी अंगुली की ओर ताकता है। महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि संत पापा सूर्य नहीं हैं वे एक उंगली के समान हैं। आइये, हम अंगुली को नहीं बल्कि सूर्य को देखें जो ख्रीस्त हैं। संत पापा फ्राँसिस 30-31 मार्च तक मोरोक्को की यात्रा करेंगे। मोरोक्को में काथलिकों की संख्या करीब 50,000 है।

26 February 2019, 16:33