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संत मदर तेरेसा की पुण्य तीथि पर उनके समाधि पर एकत्रित विश्वासी संत मदर तेरेसा की पुण्य तीथि पर उनके समाधि पर एकत्रित विश्वासी  (ANSA)

मिशनरीस ऑफ चैरिटी परिवार ने मनाया संत मदर तेरेसा का पर्व

संत मदर तेरेसा के पर्व दिवस के उपलक्ष्य में कलकत्ता स्थित मिशनरीस ऑफ चैरिटी के मूलमंठ में, 5 सितम्बर को मदर तेरेसा परिवार के सदस्यों ने उनके सम्मान में एक ख्रीस्तयाग अर्पित किया तथा उनके समाधि स्थल पर प्रार्थनाएँ अर्पित कीं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

कोलकाता के महाधर्माध्यक्ष थॉमस डीसूजा ने 5 सितम्बर प्रातः 6 बजे ख्रीस्तयाग का अनुष्ठान किया जिसमें करीब 30 पुरोहितों सहित धर्मबहनों, धर्मबंधुओं एवं विश्वासियों ने भाग लिया।

मिशनरीस ऑफ चैरिटी परिवार गरीबों का घर

ख्रीस्तयाग के उपरांत संत मदर तेरेसा के समाधिस्थल के चारों ओर एकत्रित पुरोहितों एवं विश्वासियों को सम्बोधित कर सुपीरियर जेनेरल सिस्टर मेरी प्रेमा ने परिवार में बने रहने के मूल्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा, गरीब, उपेक्षित और प्रेम से वंचित लोगों के लिए अपना परिवार नहीं है किन्तु ईश्वर ने हमें चुना है ताकि हम उनके परिवार के सदस्य बनें। मिशनरीस ऑफ चैरिटी की सभी धर्मबहनें, धर्मबंधु एवं पुरोहित, इस परिवार में गरीबों के साथ रहने के लिए बुलाये गये हैं। हम सभी ईश्वर के प्रेम को मदर के प्रसन्नचित मनोभाव के साथ बांटने के लिए निमंत्रित किये गये हैं। सिस्टर प्रेमा ने मदर तेरेसा की कब्र पर पाँच मोमबत्तियाँ जलाई, जो मिशनरीस ऑफ चैरिटी की पाँच शाखाओं का प्रतीक है जो धर्मबहनों, पुरोहितों, धर्मबंधुओं, लोकधर्मी स्वयंसेवकों एवं बीमार लोगों के रूप में एक परिवार में अपनी सेवा देते हैं।   

मदर तेरेसा की कब्र सभी के लिए, तीर्थयात्रा का गंतव्य स्थल

संत मदर तेरेसा का निधन 5 सितम्बर 1997 को हुआ था जिन्हें राष्ट्रीय सम्मान के साथ कोलकाता में दफनाया गया था। यह न केवल ख्रीस्तियों के लिए किन्तु अन्य धर्मों के लोगों के लिए भी तीर्थस्थल बन गया है। संत पापा फ्राँसिस ने 4 सितम्बर 2016 को उन्हें संत घोषित किया किन्तु जो उन्हें जानते थे उनके लिए वे एक जीवित संत थीं।

05 September 2018, 16:46