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कंधमाल में शहीदों की 10वीं सालगिराह पर ख्रीस्तयाग समारोह में भाग लेते धर्माध्यक्ष कंधमाल में शहीदों की 10वीं सालगिराह पर ख्रीस्तयाग समारोह में भाग लेते धर्माध्यक्ष 

कंधमाल हिंसा की 10वीं सालगिराह

25 अगस्त को कंधमाल हिंसा की 10वीं यादगारी के उपलक्ष्य में ख्रीस्तयाग अर्पित किया गया। कटक-भुनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष के लिए, "ईश्वर का कार्य हमारे जीवन में एवं कलीसिया के जीवन में रहस्यात्मक तरीके से होता है। कंधमाल के शहीदों के खून ने ओडिशा की कलीसिया एवं देश के लिए कई आशीर्वाद लाये हैं।"

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

शनिवार 25 अगस्त को 2008 में कंधमाल में हुई ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा की यादगारी मनायी गयी जिसमें 13 धर्माध्यक्षों एवं 90 पुरोहितों ने ख्रीस्तयाग में भाग लेकर मेल-मिलाप एवं कलीसिया में ईश्वर की कृपा के लिए प्रार्थना की। धर्मबहनों एवं विश्वासियों ने भी भारी संख्या में समारोह में हिस्सा लेकर शहीदों की याद की। कुछ अन्य ख्रीस्तीय समुदायों के धर्माध्यक्ष भी समारोह में शामिल हुए।

हिंसक घटना की याद

हिंसक घटना की याद कर कटक-भुनेश्वर के महाधर्माध्यक्ष ने कहा, "सबसे हृदय विदारक बात यह थी कि निर्दोष लोगों की हत्या महीनों तक जारी रही। दस साल पहले जो हुआ वह निश्चय ही भयंकर और दर्दनाक था।"

स्वामी लक्ष्मानन्दा सरस्वती की हत्या के बाद ख्रीस्तीय विरोधी हिंसा भड़क उठी थी। महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि हमलावरों ने मानव जीवन नष्ट किया, गिरजाघरों, घरों,स्कूलों, अस्पतालों, दवाखानों, कार्यालयों और गरीबों, दलितों एवं हाशिये पर जीवन यापन करने वाले लोगों की मदद करने वाले केंद्रों को ध्वस्त और बर्बाद कर दिया था। महिलाओं एवं युवतियों का बलत्कार किया गया था। भय एवं निराशा के कारण हज़ारों लोग जंगलों की ओर भाग गये थे।

महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि ईश्वर हमारे जीवन एवं कलीसिया के जीवन में रहस्यात्मक तरीके से कार्य करते हैं। कंधमाल के शहीदों के रक्त ने ओड़िशा एवं देश की कलीसिया के लिए कई आशीर्वाद लाये हैं।

ईश्वर का सामर्थ्य हमें बल देता है

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के महासचिव धर्माध्यक्ष थेओदोर मसकरेनहास ने ख्रीस्तयाग के दौरान प्रवचन में कहा कि इस्राएल के लोगों के समान हम भी कई बार असहाय हो जाते हैं किन्तु ईश्वर का सामर्थ्य हमें बल देता है जिसको कोई भी मानवीय ताकत नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि हम दु˸ख का एहसास करते किन्तु गुस्सा नहीं करते क्योंकि ख्रीस्त हमें क्षमा करना सिखलाते हैं।

धर्माध्यक्ष ने उपस्थित विश्वासियों से आग्रह किया कि वे उन सभी लोगों के लिए प्रार्थना करें जो त्रासदी झेल रहे हैं, साथ ही साथ, उन्होंने उन लोगों के लिए भी प्रार्थना की मांग की कि जो हिंसक कार्यों में जुड़े हैं ताकि प्रभु उनके मन एवं हृदय को परिवर्तित कर दे।

शहीदों की धन्य घोषणा प्रक्रिया की आज्ञप्ति

यादगारी समारोह के अंत में फादर मरियन ज़ेलाज़ेक ने शहीदों की धन्य घोषणा प्रक्रिया की आज्ञप्ति को पढ़कर सुनाया। वे एक पोलिश मिशनरी हैं जो ओडिशा में गरीबों, हाशिये पर जीवन यापन करने वाले लोगों, लकवाग्रस्त लोगों, बच्चों एवं आदिवासी लोगों की सेवा में समर्पित हैं।

29 August 2018, 16:21