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कोलोम्बो के राष्ट्रपति आवास के अंदर प्रदर्शनकारी कोलोम्बो के राष्ट्रपति आवास के अंदर प्रदर्शनकारी  (AFP or licensors)

श्रीलंका में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास पर धावा बोला

राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे श्रीलंकाई प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को उनके आधिकारिक आवास और पास के कार्यालय में प्रवेश किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कोलंबो, सोमवार 11 जुलाई 2022 (वाटिकन न्यूज) :  जैसा कि श्रीलंका दशकों में सबसे खराब आर्थिक और वित्तीय संकटों का अनुभव करता है, प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के आवास और कार्यालय में धावा बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया और उनके इस्तीफे की मांग के बीच पिछले तीन महीनों से उनके कार्यालय भवन के प्रवेश द्वार पर कब्जा कर लिया था। उक्त सूचना अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने शनिवार को दी।

हजारों अन्य लोगों ने राजधानी में प्रदर्शन किया क्योंकि देश की आर्थिक मंदी के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ रहा है। यह स्पष्ट नहीं है कि राजपक्षे कोलंबो स्थित आवास के अंदर थे या नहीं। सरकार के एक प्रवक्ता मोहना समरनायके ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि राजपक्षे ने आवास छोड़ दिया है या नहीं।

टेलीविजन फुटेज से पता चलता है कि सैकड़ों प्रदर्शनकारी पास की एक अन्य इमारत में राष्ट्रपति के कार्यालय में भी घुसे।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्र पर विभिन्न संकटों के लिए राजपक्षे को दोषी ठहराया और पिछले तीन महीनों से उनके कार्यालय भवन के प्रवेश द्वार पर अपना अड्डा जमा लिया और उन्हें पद छोड़ने के लिए कहा।

कार्डिनल रंजीत की चेतावनी

इस सप्ताह की शुरुआत में, कोलंबो के कार्डिनल माल्कम रंजीत ने श्रीलंका के राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग दोहराई।

धर्माध्यक्ष के आवास पर मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में, कार्डिनल ने सुझाव दिया कि राजपक्षे परिवार ने सार्वजनिक विश्वसनीयता खो दी है। पीड़ित लोगों की ओर से, उन्होंने कहा, "मैं दृढ़ता से राष्ट्रपति और श्रीलंका की सरकार से दुखद स्थिति की जिम्मेदारी लेने और अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए कहता हूँ, क्योंकि उन्हें अब पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।"

श्रीलंका में कलीसिया के नेता ने देश में चल रहे आर्थिक और वित्तीय संकट को दूर करने हेतु आम चुनावों के लिए एक अंतरिम सरकार के तत्काल गठन का आह्वान किया।

संत पापा की अपील

बुधवार 11 मई को संत पापा फ्राँसिस की बुधवारीय आम दर्शन समारोह के दौरान, संत पापा ने अपने विचारों को संकटग्रस्त दक्षिण एशियाई राष्ट्र की ओर मोड़ा। संत पापा ने विशेष रूप से "युवा लोगों को अपना अभिवादन भेजा, जिन्होंने हाल के दिनों में देश की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों और समस्याओं के सामने अपनी आवाज बुलंद की है।"

उन्होंने कहा, "मैं धार्मिक अधिकारियों से जुड़ता हूँ और सभी पक्षों से हिंसा के बिना शांतिपूर्ण रवैया बनाए रखने का आग्रह करता हूँ।"

संत पापा फ्राँसिस ने श्रीलंका के सत्तारूढ़ राजनीतिक नेताओं से भी प्रदर्शनकारियों की आवाज पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "मैं जिम्मेदार लोगों से अपील करता हूँ कि वे लोगों की आकांक्षाओं को सुनें और मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता के लिए पूर्ण सम्मान सुनिश्चित करें।"

रविवार 10 जुलाई को देवदूत प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने सभी विश्वासियों का अभिवादन किया तथा श्रीलंका के लिए शांति की अपील की।

उन्होंने कहा, "मैं श्रीलंका के लोगों के दुःख में सहभागी होता हूँ जो राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं के कारण पीड़ित हैं। देश के धर्माध्यक्षों के साथ, मैं शांति के लिए अपनी अपील दुहराता हूँ तथा अधिकारियों से आग्रह करता हूँ कि वे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की उपेक्षा न करें।"

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11 July 2022, 16:09