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मॉस्को की एक अदालत के बाहर मानवाधिकारों पर फैसला सुनने खड़े पत्रकार  (प्रतीकात्मक तस्वीर) मॉस्को की एक अदालत के बाहर मानवाधिकारों पर फैसला सुनने खड़े पत्रकार (प्रतीकात्मक तस्वीर)   (AFP or licensors)

यूनेस्कोः पत्रकारों की हत्याओं में कमी किन्तु ख़तरा जारी

संयुक्त राष्ट्र संघीय शिक्षा, विज्ञान और सांस्कृति सम्बन्धी संगठन, "यूनेस्को" द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार, 2021 में तमाम विश्व में 55 पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे गए।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

पेरिस, शुक्रवार, 7 जनवरी 2022 (रेई, वाटिकन रेडियो): संयुक्त राष्ट्र संघीय शिक्षा, विज्ञान और सांस्कृति सम्बन्धी संगठन, "यूनेस्को" द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार, 2021 में तमाम विश्व में 55 पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे गए। हालांकि यह एक दशक में सबसे कम वार्षिक मृत्यु दर है, तथापि, यूनेस्को ने चेतावनी दी है कि इन अपराधों के लिए दंडमुक्ति व्यापक रूप से कायम है तथा कई जगहों पर अभी पत्रकारों को जोखिम का सामना करना पड़ता है।

पत्रकारों का जीवन जोख़िम में

यूनेस्को के अनुसार, 2021 में मारे गये 55 पत्रकारों में से दो-तिहाई पत्रकारों की हत्या सशस्त्र संघर्ष का अनुभव नहीं करने वाले देशों में हुई, जहाँ पत्रकारों को अपनी दैनिक रिपोर्टिंग में ग़लत कामों को उजागर करने के लिए निरंतर जोखिमों का सामना करना पड़ा। यह स्थिति कुछ साल पहले, 2013 में पूरी तरह से विपरीत थी, जब संघर्षरत देशों में दो-तिहाई हत्याएं हुईं थीं। 2021 में हुई हत्याओं में अधिकांश हत्याएं एशिया प्रशान्त, लातीनी अमरीका तथा करिबियाई देशों में हुई। एशिया प्रशान्त के देशों में 23 पत्रकार मारे गये जबकि लातीनी अमरीका और करिबियाई देशों में 14 पत्रकारों को मार डाला गया।

यूनेस्को ने कहा कि एक बार फिर 2021 साल के दौरान पत्रकारों को सत्य का प्रकाशन करने के लिये अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। यूनेस्को की महानिदेशका ऑड्री आज़ोले ने कहा, अभी, विश्व को पहले से कहीं अधिक स्वतंत्र और तथ्यात्मक जानकारी की सख़्त ज़रूरत है।" उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रयास करना चाहिए कि जो लोग स्वतंत्र और तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करने का अथक प्रयास करते हैं वे बिना किसी डर के ऐसा कर सकें।"

व्यापक दण्डमुक्ति

यूनेस्को की रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि पत्रकार हत्याओं की संख्या एक दशक में इस वर्ष सबसे कम है, तथापि,  इन अपराधों के लिए दण्ड से मुक्ति ख़तरनाक रूप से व्यापक रही है। यूनेस्को के आंकड़ों से पता चलता है कि 2006 के बाद से सभी पत्रकार हत्याओं में से 87 प्रतिशत मामले अभी भी अनसुलझे हैं।

इस बात की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया गया कि विश्व भर में पत्रकार, विरोध प्रदर्शनों को कवर करते समय, कारावास, शारीरिक हमले, धमकी और उत्पीड़न के शिकार बनते हैं। महिला पत्रकार, विशेष रूप से, ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करती हैं। अप्रैल में प्रकाशित यूनेस्को की एक रिपोर्ट से पता चला कि सर्वेक्षण में शामिल लगभग तीन-चौथाई महिला पत्रकारों ने अपने काम से जुड़ी ऑनलाइन हिंसा का अनुभव किया था।

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07 January 2022, 11:44