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भेदभाव के विरुद्ध  भोपाल में ख्रीस्तीयों का विरोध प्रदर्शन -तस्वीरः  फरवरी 2021 भेदभाव के विरुद्ध भोपाल में ख्रीस्तीयों का विरोध प्रदर्शन -तस्वीरः फरवरी 2021  

ईसाइयों एवं मुसलमानों से दूर रहने के आह्वान की निन्दा

भारत के धार्मिक एवं राजनैतिक नेताओं ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेता रामेश्वर शर्मा द्वारा ईसाइयों एवं मुसलमानों से दूर रहने हेतु किये गये आह्वान की कड़ी निन्दा की है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

भोपाल, शुक्रवार, 22 अक्तूबर 2021 (ऊका समाचार): भारत के धार्मिक एवं राजनैतिक नेताओं ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के सांसद रामेश्वर शर्मा द्वारा ईसाइयों एवं मुसलमानों से दूर रहने हेतु किये गये आह्वान की कड़ी निन्दा की है।  

भोपाल में हाल ही मनाये गये दशहरा महापर्व के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में मध्यप्रदेश विधान सभा के सदस्य भाजपा नेता रामेश्वर शर्मा ने  हिन्दू धर्मानुयायियों का आह्वान किया था कि वे अपने धर्म, संस्कृति एवं परम्परा की रक्षा हेतु ईसाइयों एवं मुसलमानों से दूर रहें। शर्मा ने कहा था कि फादर एवं चद्दर से वे दूर रहें जो उन्हें बिगाड़ सकते थे। उन्होंने आगे कहा यह भी कहा कि हिंदुओं को सूफी मंदिरों और आध्यात्मिक मार्गदर्शकों से दूर रहना चाहिए क्योंकि ये हिंदू मंदिरों के रास्ते में बाधाएँ उत्पन्न करते हैं।

सांसद शर्मा के भाषण का एक वीडियो 17 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसकी विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने आलोचना करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वह सांसद शर्मा की सार्वजनिक घोषणा के साथ सहमत है जो लोगों को उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर विभाजित करती है।

महाधर्माध्यक्ष की प्रतिक्रिया

शर्मा के आह्वान पर प्रतिक्रिया दर्शाते हुए भोपाल के महाधर्माध्यक्ष लियो कॉरनेलियो ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक सांसद एक सार्वजनिक मंच से ईसाई और मुसलमानों का बहिष्कार करने के लिए लोगों का आह्वान कर उनमें विभाजन उत्पन्न कर रहा था।"

ऊका न्यूज़ से महाधर्माध्यक्ष कॉरनेलियो ने कहा कि इस प्रकार की असंवेदनशील भावनाएँ शांतिप्रिय लोगों को ठेस पहुँचाती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वकतव्य स्पष्ट दर्शाते हैं कि   सांसद का मकसद लोगों का ध्यान असली समस्याओं, जैसे आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें, बेरोजगारी, अशिक्षा, बीमारी, बढ़ता कुपोषण और भुखमरी आदि  से दूर हटाना था।  

महाधर्माध्यक्ष कॉरनेलियो ने मीडिया में एक बयान जारी कर लोगों से इस तरह के "कपटी इरादों" के बारे में जागरूक होने की अपील की, जिनका उद्देश्य "समाज में घृणा और वैमनस्य के बीज बोना" होता है।

मध्य प्रदेश में काथलिक चर्च के जनसंपर्क अधिकारी फादर मारिया स्टीफन ने भाजपा विधायक से "सभी को सार्वभौमिक परिवार के सदस्यों के रूप में गले लगाने" की अपील की, ताकि "सभी के लिए गौरव और सम्मान लाया जा सके।" घृणा फैलाने वालों को उन्होंने स्मरण दिलाया कि भारतीय संविधान जाति, वर्ण या धर्म के आधार पर किसी के विरुद्ध भेदभाव नहीं करता है।

मुसलमान नेता एवं क्राँग्रस पार्टी की मांग

मुस्लिम धार्मिक विद्वान मौलाना उमर कासमी ने विभाजनकारी बयान के पीछे एक "गुप्त मकसद" को देखते हुए कहा कि "शर्मा की पार्टी मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ है और इसलिए उनके खिलाफ अविश्वास और नफरत पैदा करने के लिए ऐसे बयान दिए जाते हैं।" उन्होंने आगाह किया कि इस तरह के कृत्य और बयान "उस समाज के लिए अच्छे नहीं हो सकते जहां विविध धर्मों और क्षेत्रों के लोग एक साथ रहते हैं।"

न तो सांसद शर्मा ने और न ही भाजपा ने शर्मा के बयान के लिए कोई स्पष्टीकरण या माफी की पेशकश की है। कांग्रेस नेता अजय यादव ने कहा कि भाजपा को अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए क्योंकि शर्मा ने अल्पसंख्यक समुदायों का अपमान किया है। "क्या वे उनकी बातों पर विश्वास करते हैं? अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

22 October 2021, 11:43