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सुरक्षित स्थानों में जाने हेतु आफगानिस्तान में लोगों की भीड़ सुरक्षित स्थानों में जाने हेतु आफगानिस्तान में लोगों की भीड़  (Public Domain)

संयुक्त राष्ट्रः अफगानिस्तान को “मनवीय संकट” का खतरा

यूएन ने अफगानिस्तान की स्थिति को देखते हुए भविष्य में मानवीय संकट उत्पन्न होने की चेतावनी दी है।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, 23 अगस्त 2021 (रेई) संयुक्त राष्ट्र ने विश्व के नेताओं को एक चेतावनी भरे संदेश भेजते हुए कहा कि अफगानिस्तान व्यापक रूप से भूख और वित्तीय पतन सहित “पूर्ण तबाही” का सामना कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि अमेरिका का अफगानिस्तान छोड़ने के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल मानवीय प्रयास पर सहमत होने की जरूरत है। यूएनएचसीआर ने जोर देकर कहा है कि काबुल हवाईअड्डे की स्थिति चिंताजनक है, और सभी अफगान देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं।

संगठन छोटी संख्या पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिन्हें खतरों से बाहर निकाल जा सकता है जो देश से बाहर निकलने की आस में हैं, जबकि अन्य जगहों पर 20 मिलियन लोगों को अनदेखा किया जा रहा है, जिन्हें सहायता की सख्त जरूरत है। आकड़ों के मुताबिक  3.5 मिलियन अफगान देश की सीमाओं के भीतर विस्थापित हैं। यूएनएचसीआर का कहना है कि उनके लिए भोजन, आश्रय, स्वच्छ पानी और चिकित्सा की तत्काल आवश्यकता है।

काबुल हवाई अड्डे की स्थिति

राष्ट्रपति  बाइडेन ने प्रशासन को इस बात हेतु आदेश दिया कि काबुल से बाहर निकाले गये  अफगानों को स्थानांतरित करने के लिए वाणिज्यिक जेटलाइनरों का उपयोग किया जाये। जान बचने की धुन में लोगों की भगदौड़ और काबुल हवाईअड्डे परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे लोगों में करीबन सात से अधिक लोगों की मौत हो गयी।

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि देश की स्थिति “बेहद चुनौतीपूर्ण” बनी हुई है। पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री टोनी ब्लेयर ने अफगानिस्तान से अमेरिका के पीछे हटने की आलोचना करते हुए कहा कि इस कदम ने अफगानों और पश्चिम की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।

इसी विषय पर, पूर्व राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रम्प ने अलबामा में एक रैली के दौरान निकासी के प्रयास की आलोचना की है। ट्रम्प ने समर्थकों से कहा, “बाइडेन का अफगानिस्तान छोड़ना देश के नायक स्वरुप उनकी बृहद अक्षमता को प्रस्तुत करता है, चाहे वह कोई भी स्थिति हो।”

G7 वार्ता

इस बीच, ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वह अगले सप्ताह अफगानिस्तान की स्थिति पर तत्काल बातचीत के लिए जी 7 नेताओं को एक साथ लाएंगे।

लंदन G7 की घूर्णन अध्यक्षता रखता है - जिसके अन्य सदस्य कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं।

23 August 2021, 16:29