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हिरोशिमा शांति पार्क में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय सन् 1981 में  हिरोशिमा शांति पार्क में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय सन् 1981 में  

हिरोशिमा एवं नागासाकी बम विस्फोटों की बरसी पर पाक्स क्रिस्टी

जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराये जाने की 76 वीं बरसी पर विश्वव्यापी काथलिक संगठन "पाक्स क्रिस्टी इन्टरनेशनल" ने परमाणु हथियारों के निषेध पर संयुक्त राष्ट्र संग की संधि को तत्काल लागू करने का आह्वान किया है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 6 अगस्त 2021 (रेई, वाटिकन न्यूज़): जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराये जाने की 76 वीं बरसी पर विश्वव्यापी काथलिक संगठन "पाक्स क्रिस्टी इन्टरनेशनल" ने परमाणु हथियारों के निषेध पर संयुक्त राष्ट्र संग की संधि को तत्काल लागू करने का आह्वान किया है। इस सन्धि को अब तक विश्व के 55 राष्ट्र अनुसमर्थन दे चुके हैं।

अमरीका द्वारा 6 और 9 अगस्त 1945 को जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर किये गये परमाणु बम हमलों में 129,000 तत्काल तथा 226,000 तक लोग बाद में विकिरण के कारण मारे गये थे।

पाक्स क्रिस्टी का आह्वान

परमाणु बम आक्रमणों की बरसी के उपलक्ष्य में पांच अगस्त को जारी एक सन्देश में "पाक्स क्रिस्टी" इन्टरनेशनल विश्वव्यापी काथलिक संगठन ने स्मरण दिलाया कि "विस्फोट के समय ही हज़ारों लोग हताहत हो गये थे और बाद में विकिरण के परिणास्वरूप कई हज़ारों की मौत हो गई थी।  

सन्देश में कहा गया, "एक शांति आंदोलन होने के नाते, हम परमाणु हथियारों के इस पहले उपयोग को इतिहास की सबसे बड़ी विनाशकारी घटनाओं में से एक मानते हैं। यह एक खतरे की घंटी जिसे  मानवता को नहीं भूलना चाहिए।"

इस सन्दर्भ में "पाक्स क्रिस्टी इन्टरनेशनल" ने कहा, "1945 के बचे लोगों के अथक गवाह" से प्रेरित होकर इस वर्ष के जनवरी माह से लागू हुई संयुक्त राष्ट्र संघीय संधि विश्व से परमाणु हथियारों को हटाये जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है: "यह वास्तव में एक मील का पत्थर है कि अंततः, अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह इस बात को सुनिश्चित करने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम है कि जापान में हुए अत्याचारों को फिर कभी दुहराया नहीं जायेगा।"

प्रयास जारी रहें

सन्देश में स्मरण दिलाया गया, "नई संधि 1945 के बाद से विश्व पर मंडरा रहे परमाणु ख़तरे को समाप्त करने की प्रतिबद्धता में एकजुट होने के लिये विश्व के तमाम देशों को मौका देती है। संधि की पहली शर्तों में परमाणु परीक्षणों एवं परमाणु परीक्षणों से दूषित स्थलों से पीड़ित हुए लोगों का पुनर्वास और उनके हित में सहायता की बहाली शामिल है।"   

"पाक्स क्रिस्टी इन्टरनेशनल" ने कहा, "हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु हमलों की बरसी पर कलीसियाई नेताओं, लोकोपकारी कार्यकर्त्ताओं, नीति निर्माताओं तथा विश्व के तमाम लोगों के साथ मिलकर परमाणु निरस्त्रीकरण एवं परमाणु त्रासदियों से प्रभावित लोगों के लिये न्याय हेतु प्रयासों को हम दृढ़तापूर्वक जारी रखें।"

06 August 2021, 11:45