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बुर्किना फासो के शरणार्थी बुर्किना फासो के शरणार्थी  (AFP or licensors)

बुर्किना फासो : घातक चरमपंथी हमले में दर्जनों मारे गए

बुर्किना फासो के गोरगडजी में नागरिकों को सुरक्षा देनेवाले एक सैन्य काफिले पर जिहादी हमले में 80 लोगों के मारे जाने के बाद बुर्किना फासो शोक में डूब गया है। देश में तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक दिवस की घोषणा की गई है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

बुर्किना फासो, शनिवार, 20 अगस्त 21 (वीएनएस)- अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि उतरी बुर्किना फासो में नागरिकों एवं सैन्य बल के बीच जानलेवा हमले में 80 लोगों की मौत हुई है।

हमला बुधवार को हुआ जब इस्लामिक स्टेट ने पश्चिम अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में हिंसक हमलों की एक ताजा घटना में, गोरगडजी शहर के पास नागरिकों, सैनिकों और सेना सहायक के सदस्यों के एक संयुक्त काफिले पर धावा किया।

रिपोर्ट में बतलाया गया है कि हमले में करीब 59 नागरिक, 6 सेना सहायक के सदस्य और 15 सैनिक मारे गये।

बुर्किनाबे के राष्ट्रपति रोच मार्क क्रिश्चियन काबोरे ने पीड़ितों के लिए तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और पूरे देश में झंडे को आधा झुकाने का आदेश दिया है।

संघर्ष-ग्रस्त पश्चिम-अफ्रीकी सहेली

बुधवार का आक्रमण पश्चिमी अफ्रीका के साहेल में हिंसक घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है। जिहादी हमलावरों का विशेष ध्यान "तीन-सीमा" क्षेत्र रहा है जहां बुर्किना फासो नाइजर और माली तीनों मिलते हैं।

सहारा रेगिस्तान के दक्षिणी किनारे के साथ भूमि की विशाल शुष्क पट्टी को संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय सैनिकों की उपस्थिति के बावजूद सशस्त्र इस्लामी उग्रवादियों की गतिविधियों द्वारा तेजी से अप्रचलित बना दिया गया है।

बुर्किना फासो 2015 से ही संघर्षरत है और वहाँ इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों के हमले होते रहे हैं। अंतर-सांप्रदायिक संघर्षों से हिंसा को भड़काया है तथा लाखों लोगों को अपने घरों से भागने हेतु मजबूर किया है।

इस माह के शुरू में 4 अगस्त के हमले में जिहदियों ने 30 लोगों की हत्या की जिनमें 11 नागरिक थे। 9 अगस्त को 12 सैनिक मारे गये थे और बुर्किना फासो में माली की सीमा के निकट 8 अन्य लोग घायल हुए थे।

4-5 जून की रात को बंदूकधारियों ने बुरकिना फासो के सोलहान गाँव में करीब 132 लोगों को मार डाला, जिसमें बच्चे भी शामिल थे।

21 August 2021, 15:42