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बिना माता-पिता के रह गये बच्चों के प्रति यूनिसेफ की चिंता

दुनिया भर में कोविड-19 से मौतों का आंकड़ा 40 लाख पार करने पर यूनिसेफ ने उन बच्चों के लिए चिंता व्यक्त की है जो एक अभिभावक या बिना माता-पिता के रह गये हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

यूनिसेफ, मंगलवार, 20 जुलाई 2021 (वीएनएस)- संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपात निधि यूनिसेफ ने महामारी और स्वास्थ्य संकट के कारण सबसे दुर्बल बच्चों के प्रति चिंता व्यक्त की है जो मौत, गंभीर बीमारी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण माता–पिता से वंचित हो गये हैं। इसके कारण उनकी अपर्याप्त देखभाल का खतरा बढ़ जाता है।    

यूनिसेफ की महानिदेशक हेनरिएत्ता फोर ने एक बयान में कहा कि महामारी के परिणामस्वरूप अनाथ या परित्यक्त बच्चों की संख्या का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी, लेकिन कुछ देशों में मौतों में वृद्धि का मतलब है कि पहले से ही कोविड-19 के प्रभावों की चपेट में आनेवाले कई बच्चे अतिरिक्त भावनात्मक तनाव और सुरक्षा चिंताओं का सामना कर रहे हैं।

पारिवारिक अलगाव और माता-पिता के बारी-बारी से अपर्याप्त देखभाल के कारण होनेवाली तात्कालिक एवं दीर्घकालिक क्षति, विशेष रूप से संस्थानों में, अच्छी तरह से प्रलेखित है। बच्चे जबरन साथ रहने और निश्चित दिनचर्या के लिए मजबूर होते हैं जो उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुकूल नहीं होती। वे अक्सर ऐसे विकल्प चुनने की क्षमता से वंचित रह जाते हैं जो उनके उत्तम हितों को पूरा करते हैं।

साथ ही, बारी-बारी से देखभाल करने में बच्चे अपने परिवारों एवं स्थानीय समुदायों से वंचित होते हैं। माता-पिता के सही देखभाल से वंचित बच्चे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से पीड़ित हो सकते हैं और जो उनके पूरे जीवन पर असर डाल सकता है। इन बच्चों में हिंसा, दुर्व्यवहार, उपेक्षा और शोषण का अनुभव होने की संभावना भी अधिक होती है।

बच्चों के लिए इस संकट को तत्काल और लम्बे समय में रोकने तथा इसका सामना करने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि सरकारें परिवारों को भावनात्मक, व्यावहारिक और वित्तीय सहायता प्रदान करें जिनकी उन्हें आवश्यकता है। साथ ही, जहाँ बच्चे माता-पिता की देखरेख से वंचित हैं वहां हमें एक प्रणाली का समर्थन करना है कि वे वृहद परिवार के सदस्यों की देखरेख में रखे जाएँ और उन्हें अपर्याप्त वैकल्पिक देखरेख में न रखा जाए।

इस स्थिति को तुरंत और दीर्घावधि में रोकने के लिए, यूनिसेफ अनुशंसा करता है कि सरकारें परिवारों को निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान करें-

- परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, परामर्श सेवाओं और स्वास्थ्य देखभाल तक निरंतर पहुंच की गारंटी देना।

- बाल सुरक्षा सेवा को मजबूत करना जिसमें कमजोर बच्चों एवं परिवारों के लिए सामाजिक सेवा कार्यबल शामिल है।

- परिवार के अनुकूल नीतियों को बढ़ावा देने के लिए नियोक्ताओं के साथ काम करे जो परिवार के सदस्यों और देखभाल करनेवालों को सभी परिस्थितियों में उनकी देखभाल करने की अनुमति दे।

- स्कूल एवं बच्चों की देखरेख की अन्य सेवाओं को खुला एवं सुलभ रखे।

- जब कोविड-19 द्वारा परिवारों एवं समुदायों पर हमला जारी है हमें बच्चों के जीने और एक ऐसे महौल में बढ़ने के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए जो उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास का समर्थन करें।  

20 July 2021, 15:02