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इस्वातिनी में विरोध प्रदर्शन  में तोड़ी गई दुकानों का फोटो लेते कुछ लोग इस्वातिनी में विरोध प्रदर्शन में तोड़ी गई दुकानों का फोटो लेते कुछ लोग  (AFP or licensors)

इस्वातिनी में लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शन

सरकारी कार्रवाई के आरोपों के बीच इस्वातिनी (पूर्व में स्वाज़ीलैंड) में प्रदर्शनकारियों ने राजनीतिक सुधारों के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है। रविवार को देवदूत प्रार्थना के दौरान,संत पापा फ्राँसिस ने दक्षिणी अफ्रीकी राष्ट्र में शांति के लिए प्रार्थना की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

इस्वातिनी, मंगलवार 6 जुलाई 2021 (वाटिकन न्यूज) : हाल के दिनों में इस्वातिनी में हज़ारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं, जिनमें अफ़्रीका के अंतिम निरंकुश शासक के शासन के ख़िलाफ़ लोकतंत्र-समर्थक विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिसमें कई लोगों के मारे जाने और कई के घायल होने की ख़बरें हैं।

राजा मस्वाती तृतीय ने सम्राट के रूप में 30 से अधिक वर्षों से राज्य पर शासन करता है। लोकतंत्र समर्थक समूहों और मानव अधिकार समूहों ने राजा की 15 पत्नियों सहित शाही परिवार पर जनसंख्या की बढ़ती गरीबी के बीच भव्य रूप से जीने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी भूमि-बंद राष्ट्र में लोकतांत्रिक सुधारों की भी मांग कर रहे हैं, जिसमें 1973 से प्रतिबंधित विपक्षी दलों पर प्रतिबंध हटाना शामिल है।

अधिकारियों द्वारा कार्रवाई

देश में विरोध की लहर राजधानी एमबाबाने और अन्य बड़े शहरों में सबसे अधिक महसूस की गई है, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर बैरिकेडिंग की है और अक्सर कथित रूप से स्वामित्व वाले या शाही परिवार से जुड़े व्यवसायों में आग लगा दी है।

पिछले हफ्ते ट्वीट्स की एक श्रृंखला में, इस्वातिनी सरकार ने कहा कि प्रधान मंत्री, थेम्बा मसुकु ने नागरिकों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को दूर किया जा रहा है, और नागरिकों से अपनी चिंताओं को व्यक्त करने के लिए वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने का आह्वान किया है। .

हालांकि, कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सरकार की कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी गई और अन्य घायल हो गए। इस्वातिनी सरकार ने प्रदर्शनों को रोकने के लिए स्कूलों को भी निलंबित कर दिया है और शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक रात का कर्फ्यू लगा दिया है।

हालांकि, कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सरकार की कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी गई और अन्य घायल हो गए। इस्वातिनी सरकार ने प्रदर्शनों को रोकने के लिए स्कूलों को भी निलंबित कर दिया है और शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक रात का कर्फ्यू लगा दिया है।

नागरिक अधिकार समूह, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने राज्य सुरक्षा बलों द्वारा अब तक कम से कम 20 लोगों के मारे जाने की सूचना दी है, जबकि 150 अन्य घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।

संत पापा फ्राँसिस की अपील

रविवार को देवदूत प्रार्थना के समापन पर, संत पापा फ्राँसिस ने अशांति और हिंसा की खबरों पर प्रकाश डालते हुए देश के लिए प्रार्थना की।

उन्होंने अधिकारियों और देश के भविष्य के इच्छुक लोगों से मतभेदों को "संवाद, सुलह और शांतिपूर्ण समाधान" की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया।

अलग से, शुक्रवार को एक बयान में, इस्वातिनी के एकमात्र काथलिक धर्मप्रांत मंज़िनी के धर्माध्यक्ष जोस लुइस पोंस डी लियोन ने लोकतंत्र समर्थक विरोधों के बीच शांत रहने का आह्वान किया। आगे के मार्ग के रूप में, उन्होंने संवाद को प्रोत्साहित किया जो संत पापा फ्राँसिस के विश्वपत्र ‘फ्रातेल्ली तुत्ती’ के अनुरूप विभिन्न दृष्टिकोणों को समायोजित करने का प्रयास करता है।

06 July 2021, 14:44