खोज

Vatican News
पूर्व प्रधान मंत्री साद  अल हरीरी पूर्व प्रधान मंत्री साद अल हरीरी  

लेबनान के प्रधान मंत्री ने देश को अराजकता में डुबा दिया

लेबनान के नामित प्रधान मंत्री साद हरीरी ने संसद द्वारा पद के लिए नामित किए जाने के नौ महीने बाद इस्तीफा दे दिया। यह विकास राष्ट्र और उसके लोगों को और अधिक अराजकता, अनिश्चितता और एक अभूतपूर्व आर्थिक संकट में डुबाने की संभावना है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

बेरुत, शनिवार 17 जुलाई 2021 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने लेबनान के लिए प्रार्थना और अंतर्राष्ट्रीय सहायता के लिए बार-बार अपील की है क्योंकि यह देश लाखों सीरियाई शरणार्थियों की मेजबानी करता है, जिसे विश्व बैंक ने 150 वर्षों में सबसे खराब आर्थिक संकटों में से एक के रूप में वर्णित किया है। 1 जुलाई को उन्होंने वाटिकन में राष्ट्र के लिए प्रार्थना और चिंतन दिवस की मेजबानी की, जिसमें ख्रीस्तीय नेताओं को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया ताकि लोगों के लिए मार्गदर्शन और शक्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की जा सके। लेबनान के ख्रीस्तीय नेताओं ने संत पापा के साथ राष्ट्र के लिए प्रार्थना की।

 प्रधान मंत्री साद अल हरीरी ने देश के राष्ट्रपति माइकेल औन के साथ "महत्वपूर्ण मतभेदों" का हवाला दिया, जिसके परिणामस्वरूप राजनीतिक और विधायी पक्षाघात हुआ और उन्होंने गुरुवार शाम को पद छोड़ने के अपने फैसले की घोषणा की।

देश के गहरे राजनीतिक संकट ने लेबनान को नौ महीने के बाद फिर बिना सरकार के छोड़ दिया है। इससे पहले साद अल हरीरी लेबनान के प्रधान मंत्री के रूप में 9 नवंबर 2009 से 13 जून 2011 तक और फिर 18 दिसंबर 2016 से 21 जनवरी 2020 तक कार्य किया था। इस साल सरकार बनाने के बाद हरीरी तीसरे व्यक्ति हैं जिन्हें अकादमिक हसन दीब और फिर राजनयिक मुस्तफा अदीब के बाद सरकार बनाने में सफलता मिली थी।

विश्लेषकों का कहना है कि हरीरी को बदलने के लिए कोई स्पष्ट उम्मीदवार नहीं होने के कारण, लेबनान के अराजकता में और गहराई तक जाने की संभावना है क्योंकि सरकार बनाने के लिए सख्त सुधारों की जरूरत है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ एक रिकवरी पैकेज के लिए बातचीत अब और भी दूर है।

लेबनानी पाउंड ने अपने मूल्य का 90% से अधिक खो दिया है और पिछले कई महीनों में गरीबी बढ़ गई है। दवाओं, ईंधन और बिजली की भारी कमी ने बार-बार हजारों प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उतारा है और फिर आज, प्रधान मंत्री के इस्तीफे की खबर पर प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं।

17 July 2021, 16:21