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समुद्र में फँसे लोगों को बचाते हुए भारती नौ सेना समुद्र में फँसे लोगों को बचाते हुए भारती नौ सेना  (REUTERS)

चक्रवात तौकता, बहती नौकाओं के लिए समुद्री बचाव

अरब सागर को पार करने वाले तूफान में दर्जनों लोगों की जान चली गई। पश्चिमी तट पर 24 मौतें और गंभीर क्षति। सिंधुदुर्ग के धर्माध्यक्ष अलविन बरेटो ने कहा, "हम प्रभावित परिवारों के करीब रहने के लिए प्रयासरत हैं।"

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मुंबई, बुधवार 19 मई 2021 (एशिया न्यूज) : देश के पश्चिमी तट से बुरी तरह टकराए चक्रवात तौकता ने पहले से ही कोरोना वायरस की आपात स्थिति से जूझ रहे राज्यों की स्थिति और खराब कर दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 15 मई से देश के एक बड़े क्षेत्र में तेज बारिश और हवा के लिए स्तर को अलर्ट कर दिया है।

भारतीय नौ सेना

अभी सबसे खराब स्थिति अरब सागर की है जहां कुछ नावें अभी भी बह रही हैं। चिंता है विशेष रूप से, मुंबई के तट से 170 किलोमीटर दूर स्थित एक तेल निष्कार्षण मंच रिंग पर सवार 273 लोगों में से, नौसेना का बचाव वाहन अब तक177 लोगों को सुरक्षित निकाल चुका है, अन्य 96 का पता नहीं है।

चक्रवात से नुकसान

मुंबई में, हवा 114 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। आधिकारिक मौत का आंकड़ा 24 है, महाराष्ट्र में12, कर्नाटक में 8 और गुजरात में 4 मौतें हुई।

इस बीच तट पर नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। महाराष्ट्र राज्य के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक सिंधुदुर्ग के धर्माध्यक्ष एल्विन बरेटो ने एशिया न्यूज को बताया: “चक्रवात ने हमारे धर्मप्रांत के कई क्षेत्रों को तबाह कर दिया है, खासकर मल्यान में उखड़े पेड़ों ने घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, संपत्ति को नष्ट कर दिया है और सड़कें जगह-जगह कट गई हैं, बिजली लाइनों में खराबी आ गई है। हवा के झोंके और तेज बारिश ने घरों को ढह दिया है।”

प्राकृतिक आपदाओं में मदद

धर्माध्यक्ष एल्विन बरेटो ने कहा, "हमारा धर्मप्रांत गरीबों की मदद करने में हमेशा सबसे आगे रहा है, खासकर प्राकृतिक आपदाओं में। पहले से ही 2019 में, उदार दाताओं की मदद से हमने कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों का समर्थन किया। और पिछले साल से जारी कोरोनावायरस आपातकाल में, हमने लाखों लोगों को दवाओं, प्रावधानों, खाद्य आपूर्ति और अन्य सहायता के साथ मदद की है। इस नई स्थिति में भी हम गरीबों की हर संभव मदद करना चाहते हैं। हमें अभी तक नुकसान का स्पष्ट अनुमान नहीं मिला है, लेकिन हम कई लोगों की उदारता पर भरोसा करते हुए प्रभावित परिवारों के करीब रहने के लिए जुटे हुए हैं। हम प्रार्थना करते हैं और आशा करते हैं कि ईश्वर जरुरत मंदों की सहायता करने में पहले की तरह आज भी हमारी मदद करेंगे।

19 May 2021, 15:47