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ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा  (ANSA)

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लूला ने वापसी की

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लूला, अब देश के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों से खारिज कर दिए जाने के बाद, एक बार फिर से 2022 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बन सकेंगे।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

ब्राजील, सोमवार 19 अप्रैल 2021 (वाटिकन न्यूज) : ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा के भ्रष्टाचार के आरोपों को बहुमत से खारिज कर दिया। लुला को निचली अदालत से सज़ा सुनाई थी। लेकिन बाद में वेबसाइट इंटरसेप्ट ने एक खोजी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि उन्हें सजा साक्ष्यों को नजरअंदाज कर सुनाई गई। अब ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। साथ ही उनके राजनीतिक अधिकारों को बहाल कर दिया गया है। एक बार फिर से लूला 2022 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बन सकेंगे। इस फैसले को कई विश्लेषकों ने ब्राजील की राजनीति में विस्फोटक असर वाला बताया है।

ब्राजील में कोरोना का प्रकोप

वर्तमान राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो ने घोषणा की है कि वे दूसरे कार्यकाल के लिए दोबारा चुनाव लड़ेंगे। लूला अब एक शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वी है, जिसने 2003 और 2010 के बीच देश का नेतृत्व किया। ब्राजील में कोविद -19 महामारी से 365,000 से अधिक लोग मरे हैं। विश्व में कोविद से मरने वालों की संख्या संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद ब्रजील दूसरे नम्बर पर है। इसका मुकाबला करने में बोल्सोनारो के प्रदर्शन की व्यापक आलोचना हुई। उन्होंने गलती से कोविद 19 का वर्णन एक छोटे से फ्लू के रूप में किया, वे बहुत बार मास्क नहीं पहनते थे। वे और उनकी पत्नी भी कोरोना संक्रमित थे। बताया जाता है कि इस कारण देश में उनकी लोकप्रियता काफी गिर गई है। वैसे माना जाता है कि कंजरवेटिव हलकों में अभी भी अगले चुनाव के लिए उन्हें सबसे पसंदीदा उम्मीदवार माना जाता है। कुछ जानकारों की राय है कि लूला के मैदान में उतरने पर तमाम कंजरवेटिव समूह मजबूती से बोल्सनारो के पीछे लामबंद हो जाएंगे। इससे अगले चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

पूर्व राष्ट्रपति लूला

75 वर्षीय लूला ने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन्हें पूरी तरह से संतुष्ट करता है। लूला से नौ साल छोटे बोल्सनारो ने उसकी आलोचना करते हुए राजनीतिक हमला किया और कहा कि लोग अपने निष्कर्ष निकाल सकते हैं। यह वास्तव में अगले साल अक्टूबर में राष्ट्रपति चुनाव के साथ होगा।

ब्राजील लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा देश है। वहां की घटनाएं पूरे क्षेत्र को प्रभावित करती हैँ। इसलिए लूला के मुकदमे को पूरे लैटिन अमेरिका में दिलचस्पी के साथ फॉलो किया जा रहा था। लूला 2003 से 2011 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रह चुके हैं। उस दौरान ब्राजील की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि हुई थी। साथ ही गरीबी में भारी गिरावट आई। लूला के कार्यकाल में चलाई गई कई जन कल्याण योजनाओं की चर्चा दुनिया भर में रहीं।

लूला वर्कर्स पार्टी (पीटी) के नेता हैं। उन्होंने अपना जीवन जूता पॉलिश का काम करने से शुरू किया था। बाद में वे एक बड़े ट्रेड यूनियन नेता बन कर उभरे। भ्रष्टाचार के आरोप के कारण वे 2018 के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार नहीं बन पाए थे। लूला ने इसी मुकदमे के सिलसिले में 580 दिन जेल में गुजारे। नवंबर 2019 में उन्हें रिहा गिया गया था, लेकिन अब तक उनके राजनीतिक अधिकार निलंबित थे।

19 April 2021, 15:59