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यमन के कुपोषित बच्चे यमन के कुपोषित बच्चे  (AFP or licensors)

यमन में बच्चों के कुपोषण की उच्च दर से चिंतित संयुक्त राष्ट्र

यमन में मानवीय संकट लगातार यामिनी बच्चों को प्रभावित कर रहा है अतः चार संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने गंभीर और तीव्र कुपोषण का मुकाबला करने के लिए तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

न्यूयार्क, शनिवार 13 फरवरी 2021(वाटिकन न्यूज) : यमन में पांच साल से कम उम्र के लगभग 2.3 मिलियन बच्चों को 2021 में गंभीर कुपोषण से पीड़ित होने का अनुमान है, संयुक्त राष्ट्र की चार एजेंसियों ने गुरुवार को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो अनुमानित 400,000 बच्चे मर सकते हैं।

खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ), विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और उनके साझेदारों ने द्वारा गुरुवार को जारी एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (आईपीसी) की एक रिपोर्ट में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में क्रमशः 16 और 22 प्रतिशत तक तीव्र और गंभीर कुपोषण में उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला। गंभीर आंकड़ों के सामने, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने चिंता व्यक्त की कि देश में 2015 में शुरु हुए संघर्ष के बाद से दर्ज किए गए ये उच्चतम स्तर हैं।

बच्चों पर कुपोषण के प्रभाव

यूनिसेफ वेबसाइट पर एक बयान बताता है कि "कुपोषण एक बच्चे के शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास को नुकसान पहुंचाता है, विशेष रूप से एक बच्चे के जीवन के पहले दो वर्षों के दौरान। इस संबंध में, कुपोषण को रोकने और इसके विनाशकारी प्रभाव को रोकने के लिए "अच्छे मातृ स्वास्थ्य को" शुरू करने की आवश्यकता है, हालांकि बयान में कहा गया है कि "लगभग 1.2 मिलियन गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 2021 में कुपोषित होने का अनुमान है।"

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घिबेयियस ने बताया, "बीमारियाँ और खराब स्वास्थ्य वातावरण बचपन के कुपोषण के प्रमुख चालक हैं।  कुपोषित बच्चे डायरिया, श्वसन संक्रमण और मलेरिया सहित अन्य बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, जो यमन में बहुत चिंता का विषय है।"

"यह एक बहुत ही खराब और अक्सर घातक चक्र है, लेकिन अपेक्षाकृत सरल हस्तक्षेपों के साथ, कई लोगों की जान बचाई जा सकती है," घिबेयियस ने कहा।

अविलंब कार्रवाई की अपील

यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरियेटा ने कहा, "यमन में भूखे मरने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या से हम सभी को तुरंत कार्यवाई के लिए बाध्य करता है। मानवीय संगठनों को ज़िन्दगी बचाने में सक्षम होने के लिए तत्काल अनुमानित संसाधनों और पीड़ित बच्चों तक समुदायों के पहुँच की आवश्यकता है।”

एफएओ के महानिदेशक, क्व डोंगू ने कहा कि देश में परिवार बहुत लंबे समय से संघर्ष की चपेट में हैं और कोविद -19 जैसे हाल के खतरे उनकी दुर्दशा को और बढ़ा देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि "देश भर में सुरक्षा और स्थिरता हो, किसानों तक हमारी पहुंच में सुधार किया जाना चाहिए है ताकि उन्हें पर्याप्त और पौष्टिक भोजन फिर से उपजाने के लिए साधन उपलब्ध कराए जा सकेंगै। अन्यथा यमन के परिवार और उनके बच्चे भूख और कुपोषण के जोखिम में गिरते ही जाएँगे।"

मानवीय धन की कमी

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने यमनी नागरिकों के लिए समर्थन प्रदान करने के लिए आवश्यक मानवीय प्रतिक्रिया के महत्वपूर्ण आधार पर टिप्पणी की। बयान में कहा गया है पिछले साल  मानवीय प्रतिक्रिया योजना में आवश्यक 3.4 बिलियन अमरीकी डालर में से 1.9 बिलियन अमरीकी डालर प्राप्त हुआ है।

एजेंसियों ने चेतावनी दी कि यमन के सबसे छोटे बच्चों और माताओं के लिए गंभीर स्थिति है। मानवीय सेवाओं के लिए कोई व्यवधान - स्वास्थ्य से लेकर जल, स्वच्छता तक, पोषण, खाद्य सहायता और आजीविका का समर्थन - उनके पोषण की स्थिति में गिरावट का कारण बनता है।”

13 February 2021, 13:48