माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी
मॉस्को, सोमवार 8 फरवरी 2021 (वाटिकन न्यूज) : रूसी विपक्षी एक्टिविस्ट एलेक्सी नवालनी के समर्थन में हुए प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए रूस ने जर्मनी, पोलैंड और स्वीडन के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन तीनों राजनयिकों ने जनवरी 23 तारीख को नवालनी के समर्थन में हुए “गैर-कानूनी प्रदर्शनों” में हिस्सा लिया था।
रूस के लगाए आरोपों से इनकार
स्वीडन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने रूस के लगाए आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनके किसी राजनयिक ने रूस में किसी तरह के प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं लिया है। जर्मनी ने निष्कासन को "किसी भी तरह से उचित नहीं" कहा और कहा कि यदि रूस ने पुनर्विचार नहीं किया तो यह "अनुत्तरित" नहीं होगा।
स्वीडन ने कहा कि उसके राजनयिक ने 23 जनवरी को विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और दावा किया कि उसने उचित प्रतिक्रिया का अधिकार सुरक्षित रखा है और पोलैंड ने कहा कि निष्कासन "द्विपक्षीय संबंधों में संकट को और गहरा कर सकता है।"
शुक्रवार को मॉस्को में यूरोपीय संघ में विदेशी मामलों के प्रमुख जोसेप बोर्रेल और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोव की बैठक हुई थी, जिसके बाद राजनयिकों को निष्कासित करने की खबर दी गई।
इस हफ्ते एक अदालत ने सार्वजनिक बर्खास्तगी के बावजूद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर आलोचक नवलनी को दो साल और आठ महीने की जेल की सजा सुनाई। उन्होंने आरोपों और नजरबंदी को राजनीति से प्रेरित बताया है।
नवलनी के रिहाई की मांग
प्रदर्शनकारी नवलनी की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में टॉयलेट ब्रश था। यह नवलनी के आरोप के बाद रैलियों का प्रतीक बन गया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्वामित्व वाले एक महल में $ 800 का शौचालय ब्रश है।
हाल के हफ्तों में विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है। लोग न केवल नवलनी की नजरबंदी के बारे में गुस्सा व्यक्त करते हैं। वे रूस के नेतृत्व और राष्ट्रपति पुतिन की कथित विफल नीतियों का कथित रूप से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को लेकर उग्र हैं। उन्हें पश्चिमी राजनयिकों का समर्थन मिला है।
यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों के प्रमुख जोसेप बोरेल ने यूरोपीय संघ की ओर से कहा कि उन्होंने निष्कासन की "कड़ी निंदा की" और उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उन्होंने विदेशी राजनयिकों के रूप में अपनी स्थिति के साथ असंगत गतिविधियों का संचालन किया।
जर्मनी में हुआ था नवलनी का इलाज
बता दें कि बीते साल अगस्त में एक हवाई यात्रा के दौरान उन्हें नोविचोक नाम का नर्व एजेंट (जहर) दिया गया था जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जर्मनी ले जाया गया था।
इलाज के बाद नवालनी इसी साल जनवरी में रूस लौटे थे। हालांकि रूसी सरकार ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि रूस आने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्हें साढ़े 3 साल की सजा सुनाई गई है। अभियोजकों का कहना था कि साल 2014 में हुए फ्रॉड के एक मामले में उनकी सजा बाकी थी।
गौरतलब है कि नवलनी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के घोर अलोचक रहे हैं। उन्होंने कुछ वक्त पहले वीडियो पोस्ट कर पुतिन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि पुतिन के पास अकूत संपत्ति है। पुतिन के पास अरबों की हवेली है। वह सरकारी खजाना अपने शौक पर उड़ा रहे हैं। रूस में नवलनी की रिहाई के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं। नवलनी की गिरफ्तारी के विरोध में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। रूसी पुलिस ने सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया है। पिछले कुछ वर्षों में रूस में यह सबसे बड़ा है।