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लौदातो सी- मलेशिया में "हरी" पल्ली का उदाहरण

मलेशिया के पेनांग में सुनाई एरा का दिव्य करुणा पल्ली हरित क्रांति के लिए समर्पित है। 2015 में संत पापा के प्रेरितिक विश्व पत्र लौदातो सी प्रकाशित होने से पहले ही विश्वासियों ने प्रभु की सृष्टि एवं प्रकृति की देखभाल करने हेतु उचित ध्यान देना शुरू कर दिया था।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

मलेशिया, मंगलवार, 12 जनवरी 2021 (वीएनएस)- पल्ली पुरोहित फादर मार्टिन अंड्रूज एरलांदो ने बतलाया कि किस तरह मुस्लिम बहुल देश में संत फ्रांसिस की भावना ने उनकी कलीसिया को हरी चरनी में बदल दिया है। मगदलेन कियांग खाई लिन के द्वारा उन्हें सहायता एवं समर्थन मिला है जो सृष्टि के मित्रों का संचालन करती है। उनके पास पल्ली की हरी भविष्य के लिए कई विचार हैं। फादर मार्टिन एवं मगदलेन जिस दल में कार्य करते हैं उसमें न केवल युवा हैं बल्कि सभी उम्र के पुरूष और महिलाएँ हैं।

फादर मार्टिन एवं मगदलेन के साथ युवा एवं सृष्टि के लिए काम करनेवाले सदस्य
फादर मार्टिन एवं मगदलेन के साथ युवा एवं सृष्टि के लिए काम करनेवाले सदस्य

फादर मार्टिन एवं मगदलेन की प्रतिबद्धता सबसे बढ़कर ईश्वर के प्रेम को प्रतिबिम्बित करना है, जो एक सामाजिक जिम्मेदारी है और गरीब विश्व में प्रगति लाने के विचार से प्रेरित है। मगदलेन पल्लीवासियों को प्रोत्साहित करती है जिनमें से अधिकांश गिरजाघर के निकट ही रहते हैं कि वे बचे हुए खानों को कॉम्पोस्ट बनाये और पल्ली की ओर से उपहार के रूप में मिलनेवाले वृक्षों के लिए खाद के रूप में प्रयोग करें।

कम्पोस्ट खाद बनाना एवं वर्षा जल एकट्ठा करना
कम्पोस्ट खाद बनाना एवं वर्षा जल एकट्ठा करना

पल्ली पुरोहित यद्यपि एक इंजिनियर नहीं हैं उन्होंने एक सिंचाई प्रणाली की व्यवस्था की है जो वर्षा जल को कई छोटे जलसेतुओं से पार कराता है। फादर मार्टिन एवं मगदलेन अपशिष्ट पदार्थों को उर्जा एवं छोटे चीजों जैसे खिलौने, टी-शर्ट आदि में परिवर्तित कर "वृत्तीय अर्थव्यवस्था" प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब तक लोग अपशिष्ट उत्पन्न करते रहेंगे, इसे किस तरह नष्ट किया जाए इसकी चिंता लगी रहेगी किन्तु दिव्य करुणा गिरजाघर में अपशिष्य या बेकार की चीजें संसाधन बन गये हैं।"   

पल्ली के विश्वासी
पल्ली के विश्वासी

इन गतिविधियों के अलावा पल्ली हर दृष्टिकोण से एक ख्रीस्तीय समुदाय है। जहाँ कई तरह के क्रिया-कलाप होते हैं, जैसे ˸ पवित्र मिस्सा, प्रार्थना, एक साथ आना, बच्चों को समय देना आदि। अतः सतत् योजना न केवल परोपकारी है और सामाजिक सहायता देने में विशेष रूप से शामिल है बल्कि यह एक आध्यात्मिक भाव है और हर सुबह लौदातो सी को मनाने के लिए साथ देता है।

संत फ्राँसिस असीसी का मनोभाव
संत फ्राँसिस असीसी का मनोभाव

 

12 January 2021, 18:17