माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी
ईरान, बुधवार 13 जनवरी 2021 (वाटिकन न्यूज) : यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख, जोसेप बोर्रेल ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को रोकने के उद्देश्य से समझौते की निगरानी करते हुए तेहरान की महत्वाकांक्षाओं के बारे में चिंता व्यक्त की है।
एक बयान में, बोर्रेल ने फोर्ड के भूमिगत परमाणु सुविधा में "बहुत ही गंभीर विकास और गहरी चिंता का विषय" के रूप में यूरेनियम को 20 प्रतिशत तक समृद्ध करने के ईरान के इरादे के बारे में कहा कि यह "बहुत गंभीर प्रसार प्रभाव हो सकता है।"
बोरेल ने जोर देकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।"
ईरान परमाणु समझौता खटाई में
वैसे 2015 में हुआ ये परमाणु समझौता केवल अमेरिका और ईरान के बीच में नहीं हुआ था, बल्कि इस पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में फ़्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, रूस, यूरोपीय संघ और चीन शामिल हैं।
अमेरिका के एकतरफ़ा तौर पर इससे अलग होने के बावज़ूद समझौते पर अमल हो रहा था, लेकिन हाल में अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों के कारण ईरान अब इस समझौते की कई बातों का उल्लंघन करता दिखाई दे रहा है।
ईरान ने पिछले हफ्ते ही ये एलान किया है कि वो यूरेनियम संवर्धन दोबारा शुरू कर रहा है। ये परमाणु समझौते की एक अहम शर्त का उल्लंघन है।
ईरान ज़ोर देकर कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, लेकिन अब वो समझौते की कई शर्तों का ख़ुद ही उल्लंघन कर रहा है। ईरान के अनुसार वो अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को दोबारा लगाए जाने के ख़िलाफ़ बदले के तौर पर ये क़दम उठा रहा है।
अब दायित्व के तहत नहीं
ईरान ने यहां तक तर्क दिया है कि यह अब संधि में निर्धारित सीमाओं का सम्मान करने के लिए बाध्य नहीं है। तेहरान का दावा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने 2018 में अमेरिका को इस सौदे से बाहर निकालकर सबसे पहले इसका उल्लंघन किया, जिसके परिणामस्वरूप ईरान की पहले से ही परेशान अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा।
ईरान के कार्यों के बावजूद, यूरोपीय संघ के प्रवक्ता पीटर स्टेनो का कहना है कि तेहरान ने अपने परमाणु स्थलों के लिए निरीक्षकों को पूरी तरह से पहुंच देना जारी रखा है।
एक दुभाषिया के माध्यम से उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ यह सुनिश्चित करना चाहता है कि निरीक्षण परमाणु समझौते के हिस्से के रूप में जारी रहे जिन्हें संयुक्त व्यापक कार्य योजना या जेसीपीओए के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें ईरान द्वारा की गई इस खेदजनक कार्रवाई के बावजूद जेसीपीओए के सख्त सत्यापन उपाय करने हैं।
ईरान के साथ गतिरोध के बीच यूरोपीय संघ की उम्मीद आया है कि चयनित राष्ट्रपति जो बिडेन की अगुवाई में संयुक्त राज्य अमेरिका फिर से ईरान परमाणु समझौते का हिस्सा बन जाएगा।