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ईराकी शहर मोसुल के निनिवे प्रान्त में क्रिसमस धर्मविधि के लिये एकत्र हुए श्रद्धालु, तस्वीरः 24.12.2019 ईराकी शहर मोसुल के निनिवे प्रान्त में क्रिसमस धर्मविधि के लिये एकत्र हुए श्रद्धालु, तस्वीरः 24.12.2019  (AFP or licensors)

ईराकः क्रिसमस हुआ सार्वजनिक अवकाश

ईराक में क्रिसमस महापर्व को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है। ग़ौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले वाटिकन ने घोषित किया था कि मार्च माह में सन्त पापा फ्राँसिस ईराक की प्रेरितिक यात्रा करेंगे।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

ईराक, शुक्रवार, 18 दिसम्बर 2020 (वाटिकन न्यूज़) ईराक में क्रिसमस महापर्व को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है। ग़ौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले वाटिकन ने घोषित किया था कि मार्च माह में सन्त पापा फ्राँसिस ईराक की प्रेरितिक यात्रा करेंगे। यह पहली बार है जब सम्पूर्ण ईराक में प्रतिवर्ष क्रिसमस महापर्व को सार्वजनिक एवं आधिकारिक अवकाश दिवस घोषित किया गया है।  

ईराक में क्रिसमस का इतिहास

ईराकी सरकार ने 2008 में क्रिसमस को छुट्टी घोषित कर दिया था, किन्तु बाद के वर्षों में इस प्रावधान को आधिकारिक तौर पर नवीनीकृत नहीं किया गया था, हाल के वर्षों में केवल किर्कुक प्रांत में इसे लागू किया गया था।

फिर, 2018 में सरकार की कैबिनेट ने राष्ट्रीय छुट्टियों पर कानून में संशोधन को मंजूरी दे दी थी,  जिसमें क्रिसमस को सभी नागरिकों, ईसाइयों और मुसलमानों के लिए एक सार्वजनिक उत्सव की श्रेणी में रखा गया था। अब, दो साल बाद, संसद में एकमत बन पाया जिसके अनुसार, क्रिसमस, आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त, सार्वजनिक अवकाश है और भविष्य में भी जारी रहेगा।

कार्डिनल साको की पहल

इस वर्ष, 17 अक्टूबर को बाबीलोन के खलदैई ख्रीस्तीयों के प्राधिधर्माध्यक्ष कार्डिनल लूईस राफायल साको ने ईराकी राष्ट्रपति बाराम सलीह के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि वे क्रिसमस को, सम्पूर्ण ईराक में, सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिये संसद में एक विधेयक पेश करें। उस अवसर पर राष्ट्रपति सलीह ने, मोसुल एवं उत्तरी ईराक जिहादी अधिकरण के बाद, ईराक के पुनर्निर्माण में ख्रीस्तीयों की भूमिका को सराहा था।   

क्रिसमस को सार्वजनिक अवकाश घोषित किये जाने की ख़बर पाकर कार्डिनल साको ने एक सन्देश में ईराकी राष्ट्रपति बाराम सलीह, संसद के प्रवक्ता मुहम्मद अल हलबौज़ी तथा समस्त सांसदों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त कर कहाः "अपने साथी ईसाइयों की भलाई के लिए मतदान हेतु" मैं आप सभी पर ईश्वर के आशीर्वाद और अनुग्रह का आह्वान करता हूँ।"    

राष्ट्रपति सलीह ने मोसुल और निनीवे के मैदान से विस्थापित ईसाइयों को उनके मूल क्षेत्रों में लौटने की सुविधा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसे जिहादी वर्चस्व के वर्षों के दौरान छोड़ने के लिए उन्हें  मजबूर किया गया था।

18 December 2020, 11:40