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पच्छिम इंगलैंड में लॉरी और ट्रक चालकों के साथ पुलिस पच्छिम इंगलैंड में लॉरी और ट्रक चालकों के साथ पुलिस  (AFP or licensors)

कोविद: ब्रिटेन से यात्राओं पर अनेक देशों में रोक

दुनिया भर में अधिक से अधिक राष्ट्र कोरोना वायरस के एक और अधिक संक्रामक तनाव के कारण ब्रिटेन से आने वाली विमान उड़ानों पर पाबन्दी लगा दी है। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन कहते हैं कि वायरस का नया प्रकार - जो माना जाता है कि 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक है - दक्षिणी इंग्लैंड में वायरस के मामले बढ़ गए हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

लंदन, बुधवार 23 दिसम्बर 2020 (वाटिकन सिटी) : फ्रांस, जर्मनी, इटली, आयरलैंड, बेल्जियम, भारत और कनाडा उन कई राष्ट्रों में शामिल है जिन्होंने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा चेतावनी दिए जाने के बाद ब्रिटेन के साथ परिवहन संपर्क में कटौती की है। वायरस का नया तनाव देश के लिए एक खतरा है। रविवार को, ब्रिटेन में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या लगभग 36,000 बढ़ गई, जो महामारी की शुरुआत के बाद से उच्चतम दैनिक वृद्धि है।

परिवहन में कटौती

यहां लंदन में, यात्रा प्रतिबंध के मुद्दे और विशेष रूप से ब्रिटेन के भीतर और बाहर माल ढुलाई के प्रवाह को रोकने पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री जॉनसन ने एक आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता की। रविवार की शाम, फ्रांस ने घोषणा की कि वह ब्रिटेन से लोगों और ट्रकों के आगमन के लिए अपनी सीमा को 48 घंटे के लिए बंद कर रहा है।

इस कदम ने यूरोप की मुख्य भूमि के साथ सबसे महत्वपूर्ण व्यापार प्रवाहों में से एक को बंद कर दिया है और ब्रिटिश सुपरमार्केट ने चेतावनी दी है कि अगर बंद जारी रहा तो ताजा खाद्य आपूर्ति की कमी हो सकती है। यात्रा प्रतिबंध लागू होने के घंटों बाद दक्षिण पूर्व इंग्लैंड में ट्रकों की लंबी कतारें लगी थीं।

यात्रा प्रतिबंधों की वजह से ब्रिटेन के लिए कुछ ही दिन पहले समस्याएँ खड़ी हो गई हैं क्योंकि वह इस साल संक्रमण काल के बाद 31 दिसंबर को यूरोपीय संघ छोड़ने का है। लंदन और ब्रुसेल्स अब तक ब्रेक्सिट व्यापार सौदे तक पहुंचने में विफल रहे हैं, जिससे माल यातायात में अराजकता की संभावना बढ़ गई है।

वायरस का नए रूप

इस वायरस के नए रूप के बारे में कहा गया है कि यह ज़्यादा आसानी से संक्रमित होने वाला है, अलबत्ता, स्वास्थ्य अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा है कि इस बात के की सबूत नहीं हैं कि वायरस का ये नया रूप घातक है। साथ ही इसके भी कोई सबूत नहीं हैं कि वायरस के इस नए रूप पर, आपात स्थिति में इस्तेमाल किये जाने के लिये मंज़ूर की गई वैक्सीन का कोई असर नहीं होगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने सोमवार को नियमित प्रेस वार्ता में कहा, “सबसे अहम बात ये है कि हमें कोविड-19 वायरस के फैलाव को जल्द से जल्द रोकना है।”

उन्होंने कहा, “हम इस वायरस को जितना और ज़्यादा फैलने देंगे, उतना ही ज़्यादा समय, इस वायरस को अपने रूप या प्रकार बदलने के लिये मिलेगा।”

23 December 2020, 13:36