खोज

Vatican News
राजशाही के समर्थन में बैंकॉक में एकत्रित लोग राजशाही के समर्थन में बैंकॉक में एकत्रित लोग 

थाईलैंड में आपातकाल की स्थिति लागू

थाईलैंड ने गुरुवार को सरकार और राजशाही के खिलाफ महीनों के विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने के उद्देश्य से एक आपातकालीन निर्णय लिया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

थाईलैंड, बृहस्पतिवार, 22 अक्टूबर 2020 (वीएन)-बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि थाईलैंड की सरकार ने एक आपातकालीन फरमान सुनाया जिसमें पांच या अधिक लोगों की राजनीतिक सभाओं और समाचार प्रकाशित करने पर प्रतिबंध लगाया जो सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।

बयान में कहा गया है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि गंभीर परिस्थिति को कम किया जा सके और सरकारी अधिकारी एवं राज्य एजेंसी नियमित कानून लागू कर सकें।

दर्जनों प्रदर्शनकारियों - जिनमें सबसे उच्च प्रोफ़ाइल विरोध नेताओं में से कई शामिल थे - जिनको कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था।

प्रतिबंध लगाने का एकमात्र विशिष्ट कारण यह था कि रानी सुथिडा के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने मार गिराया था।

प्रधानमंत्री पर दबाव

प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को इस्तीफा देने के लिए तीन दिन की समयसीमा निर्धारित की थी, प्रधानमंत्री ने कहा कि उपाय वापस लेना पर्याप्त नहीं है।

विरोध प्रदर्शनकारियों के नेताओं में से एक ने कहा कि प्रधानमंत्री अभी भी सभी लोगों की मांगों की अनदेखी करते हुए सत्ता में बने रहना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया है, और बुधवार को एक टीवी पर कहा कि संसद में चर्चा होनी चाहिए।

सुधार का आह्वान

सरकार द्वारा विपक्ष भावी पार्टी पर प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार विरोधी दल द्वारा विरोध प्रदर्शन पिछले साल के अंत में शुरू हुआ, जिसने वर्तमान सरकार का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने सत्ता में बने रहने के लिए 2019 के चुनाव में धांधली की है, जिसको उन्होंने 2014 के तख्तापलट में कब्जा किया था। जबकि वे कहते हैं कि चुनाव निष्पक्ष था।

प्रदर्शनकारी संवैधानिक सुधार और विपक्षी कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न को समाप्त करने का आह्वान कर रहे हैं। लेकिन वे राजशाही पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

वे इसके सुधार की मांग कर रहे हैं, और वे चाहते हैं कि राजा की शक्तियों पर भी अंकुश लगाया जाए।

आपातकालीन अध्यादेश के उठाये जाने के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने देश में परिवर्तन के लिए आह्वान जारी रखने का प्रण लिया है।

22 October 2020, 17:07