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तीन बच्चों की मौत पर शोक मनाते फिलीस्तीन के बच्चे तीन बच्चों की मौत पर शोक मनाते फिलीस्तीन के बच्चे  (AFP or licensors)

अभिभावक रहित विदेशी बच्चों की दुर्दशा

सेव द चिल्डेन ने बुधवार को एक नया रिपोर्ट पेश किया है जो दिखलाता है कि पाँच वर्षों में 2,00,000 से अधिक नाबालिक विदेशी बच्चे आश्रय की खोज में अभिभावक के बिना यूरोप पहुँचे हैं जिन्हें अब सुरक्षा की समस्या हो रही है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 3 सितम्बर 20 (वीएन)- पाँच साल पहले तीन साल के अलन कुरदी ने विश्व को हैरान कर दिया था। अलन ने यूरोप पहुँचने की कोशिश के दौरान जहाज टूटने पर अपनी जान गाँवा दी थी तथा दुनिया को शरणार्थियों की दुर्दशा पर जागने के लिए मजबूर किया था।

इन सालों में करीब 2,00,000 नाबालिक विदेशी बच्चों ने बिना किसी साथी के आश्रय की खोज में यूरोप पहुँचने की खतरनाक कोशिश की है और शिशुओं सहित 700 लोगों की मौत हो गई है।

यह खतरनाक आंकड़ा सेव द चिल्ड्रन की नई रिपोर्ट में दर्शायी गई है जिसका शीर्षक है, पहुँच से बाहर सुरक्षा, जिसमें 5 मुख्य विषयवस्तु हैं : यूरोप की बाहरी सीमा पर सुरक्षा; आप्रवासी निरोध; आश्रय और आवास की पहुँच; परिवार एकीकरण; और संरक्षण।

शोध में दर्शाया गया है कि कई नाबालिक बिना साथी के आश्रय की खोज में अफगानिस्तान, सीरिया और एरीट्रिया से यूरोप आते हैं तथा वे जर्मनी, ग्रीस, इटली और स्वीडेन में पनाह लिये हुए हैं।

कुछ नाबालिगों को सुरक्षा की गारांटी दी गई है जबकि रिपोर्ट में प्रकाश डाला गया है कि अन्य बहुत सारे लोग शरणार्थी का दर्जा पाने में बाधाओं का सामना कर रहे हैं। वे निष्कासित किये जाने या हिरासत में लिये जाने के भय में लगातार जी रहे हैं और उन्हें यूरोप में अपने परिवार से पुनः मिलने से वंचित होना पड़ रहा है।  

यूरोपीय संघ का जवाब

दस्तावेज में कहा गया है कि अलन कुर्दी की दुखद मौत को ध्यान में रखते हुए यूरोपीय संघ ने तथाकथित "शरणार्थी संकट" के लिए एक आम जवाब खोजने की कोशिश की है। कहा गया है कि "नई नीतियाँ प्रस्तावित की गई है लेकिन बहुत कम लोग इसका उपयोग कर पा रहे हैं।"

2016 में यूरोपीय संघ और तुर्की ने समझौता को मंजूरी दी थी जिसके कारण यूरोप में शरणार्थियों और आप्रवासियों की संख्या में पर्याप्त कमी आयी थी। किन्तु सेव द चिल्ड्रेन दस्तावेज संकेत देता है कि लाखों लोग जिनमें हजारों बच्चे हैं अमानवीय स्थिति में ग्रीक द्वीप में फंसे हुए हैं। 2020 में 2,000 से अधिक नाबालिग अकेले ही इटली पहुँचे हैं।

यह भी कहा गया है कि उत्तरी अफ्रिका से समुद्री यात्रा द्वारा आगमन निर्दयता पूर्ण है एवं यूरोपीय संघ की निगरानी में बच्चे लगातार डूब रहे हैं।  

सेव द चिल्ड्रेन की अपील

सेव द चिल्ड्रेन ने यूरोपीय संघ से अपील की है कि उनके निर्णय के केंद्र में बच्चों का अधिकार हो तथा यूरोपीय संघ एवं इसके नेता कमजोर बच्चों की सुरक्षा के लिए उपाय सुनिश्चित करें।

रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि निष्कासन के बदले, बच्चे जब यूरोप आते हैं तो उन्हें तत्काल आश्रय एवं सुरक्षा प्राप्त हो। वे अपने परिवारों से मिल सकें। बिना अभिभावक के बच्चों को 24 घंटे के अंदर अभिभावक मिल सकें।

सेव द चिल्ड्रेन का कहना है कि केवल वैध आप्रवासी रास्ते ही बच्चों एवं वयस्कों को यूरोप के रास्ते पर मरने से बचा सकते हैं।

03 September 2020, 15:53