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येरुसालेम के अल-अक्सा मस्जिद और इस्राएल का झंडा येरुसालेम के अल-अक्सा मस्जिद और इस्राएल का झंडा  (AFP or licensors)

इसराइल-यूएई समझौते से निकल सकती है अमन की राह

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये विशेष यूएन संयोजक निकोलय म्लैदेनॉफ़ ने सुरक्षा परिषद में कहा कि महासचिव अंतोनियो गुटेरेस ने इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है जो दोनों देशों के बीच सम्बन्धों को सामान्य बनाता है।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

न्यूयॉर्क, बुधवार 26 अगस्त 2020 (वाटिकन न्यूज) : मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोलय म्लैदेनॉफ़ ने कहा है कि इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हाल ही में हुए समझौता में पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के समीकरण बदलने की क्षमता है। विशेष दूत ने मंगलवार 25 अगस्त को सुरक्षा परिषद के साथ अपनी मासिक बैठक में फ़लस्तीनी और इसराइली नेतृत्व से आग्रह किया कि वो अपने लम्बे समय से चले आ रहे संघर्ष को हल करने के लिये फिर से एक दूसरे की तरफ़ सुलह-सफ़ाई का हाथ बढ़ाएँ।

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये विशेष यूएन संयोजक निकोलय म्लैदेनॉफ़ ने सुरक्षा परिषद में कहा कि इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए समझौता दोनों देशों के बीच सम्बन्धों को सामान्य बनाता है। साथ ही इसराइल द्वारा क़ब्ज़ा किये हुए फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी के कुछ हिस्सों को छीनने की इसराइल की योजनाओं पर भी विराम लगाता है।

उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि ये समझौते सभी तरफ़ के नेतृत्व को इसराइली-फ़लस्तीनी संघर्ष का हल निकालने के लिये सार्थक बातचीत में रचनात्मक तरीक़े से शामिल होने के लिये प्रेरित करेगा।”

विशेष दूत ने ये भी कहा कि इसराइल द्वारा पश्चिमी तट में कुछ इलाक़ों को छीनने के अपने इरादों को स्थगित करने की घोषणा से क्षेत्रीय स्थिरता को तात्कालिक ख़तरा भी फ़िलहाल ख़त्म हो गया है।

दो राष्ट्र समाधान ही आगे का रास्ता

विशेष दूत ने कहा कि दो राष्ट्रों के रूप में समाधान ही एक मात्र विकल्प है जिसमें इसराइल और फ़लस्तीन पड़ोसी देशों के रूप में साथ-साथ रहें और शान्ति, सुरक्षा व आपसी पहचान को मान्यता दें, केवल इसी समाधान के ज़रिये एक टिकाऊ शान्ति स्थापित की जा सकती है।

ये सही समय है जब शान्ति प्रयास बढ़ाए जाएँ, और मध्य पूर्व में नेताओं के साथ असाधारण सक्रियता से सम्पर्क क़ायम किया जाए और फ़लस्तीनी व इसराइली नेताओं को रचनात्मक तरीक़े से एक दूसरे के साथ जुड़ने के लिये प्रोत्साहित किया जाए।

निकोलय म्लैदेनॉफ़ ने कहा, “आज फ़लस्तीनी उद्देश्य के लिये मायूसी दिखाने का समय नहीं है, फ़लस्तीनी इलाक़ों को छीनने की इसराइली योजनाएँ फ़िलहाल रोक दी गई हैं।”

26 August 2020, 14:36