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कोविद महामारी के समय राहत सेवा में संलग्न पुरोहित, प्रतीकात्मक तस्वीर कोविद महामारी के समय राहत सेवा में संलग्न पुरोहित, प्रतीकात्मक तस्वीर   (AFP or licensors)

भारत, दस दिनों के भीतर तीसरे पुरोहित ने किया अपना जीवन समाप्त

तमिल नाड के टूटीकोरिन धर्मप्रान्त में 36 वर्षीय काथलिक पुरोहित फादर ज़ेवियर एलविन ने अपने कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। भारत में दस दिनों के अन्तर्गत पुरोहितों की आत्महत्या का यह तीसरा मामला है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

तमिल नाड, शुक्रवार, 3 जुलाई 2020 (रेई,वाटिकन रेडियो): तमिल नाड के टूटीकोरिन धर्मप्रान्त में काथलिक पुरोहित फादर ज़ेवियर एलविन ने, बुधवार को अपने कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। भारत में दस दिनों के अन्तर्गत पुरोहितों की आत्महत्या का यह तीसरा मामला है।   

समाचारों के अनुसार, 36 वर्षीय फादर ज़ेवियर एलविन का मृत शरीर टूटीकोरिन धर्मप्रान्त द्वारा संचालित स्कूल परिसर में पाया गया। वे स्कूल में टीचर थे।

धर्माध्यक्ष अन्तोनी पिल्लेई

टूटीकोरिन के धर्माध्यक्ष अन्तोनी पिल्लेई ने बताया कि पुलिस ने फादर के कमरे से एक आत्महत्या लेख प्राप्त किया है जिसमें फादर ने लिखा है कि वे निराश एवं कुण्ठाग्रस्त थे। धर्माध्यक्ष पिल्लेई ने कहा, "वे फादर की हताशा के कारण से अन्नभिज्ञ थे तथा उन्हें यह नहीं मालूम कि उन्होंने यह चरम कदम किसलिये उठाया था।"

 ऊका समाचार से उन्होंने कहा, "पुलिस जाँचपड़ताल कर रही है तथा इसके बाद ही मामला साफ़ हो पायेगा।" 02 जुलाई को धर्माध्यक्ष ने बताया कि जब फादर ज़ेवियर नाश्ते के लिये उपस्पथित नहीं हुए तब किसी को चिन्ता नहीं हुई किन्तु जब वे सुबह 11 बजे तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तब, पुरोहितों ने उनका दरवाज़ा खटखटाया। जवाब न मिलने पर उन्होंने दरवाज़ा खोला और फादर के मृत शरीर को पंखे से लटका देखा।

धर्माध्यक्ष पिल्लेई ने कहा, "यह बड़े दुर्भाग्य की बात है।" उन्होंने कहा कि फादर ज़ेवियर बहुत सक्रिय, दयालु और मिलनसार अध्यापक एवं पुरोहित थे। लोग उन्हें बहुत प्यार करते थे। "यह अविश्वसनीय है कि उन्होंने ऐसा कदम उठाया। जो लोग उन्हें पहचानते हैं वे आश्चर्यचकित हैं कि उनके साथ ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने इतना गम्भीर कदम उठाया।"

हाल की घटनाएं

20 जून को आन्ध्रप्रदेश के गुनतूर धर्मप्रान्त में 50 वर्षीय फादर येरूवा बाला रेड्डी ने आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि वे मानसिक अवसाद के शिकार थे। इसी प्रकार, केरल के पुन्नाथूरा गाँव की एक पल्ली के कुँए से 22 जून को, 51 वर्षीय फादर जॉर्ज एटूपारा का मृत शव बरामद किया था। आशंका है कि मानसिक अवसाद का शिकार होने के कारण उन्होंने भी आत्महत्या कर ली थी।  

03 July 2020, 11:04