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वाशिंगटन में प्रदर्शनकारी वाशिंगटन में प्रदर्शनकारी 

नस्लवाद के खिलाफ संघर्ष जारी है, द. अफ्रीका के राजदूत

वाटिकन में दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि, राजदूत जॉर्ज जोहान्स ने नस्लवाद और असमानता की गहरी जड़ों की वास्तविकता पर चिंतन किया जो वर्तमान में अमेरिका और बाहर भी ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन द्वारा इतनी जबरदस्त व्यक्त की जा रही है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 24 जून 2020 (वाटिकन न्यूज) : 25 मई को मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद से "ब्लैक लाइव्स मैटर" आंदोलन ने ताकत और प्रतिध्वनि एकत्र की है। अल्पसंख्यक समुदायों के लिए न्याय और समानता की मांग के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया भर में प्रदर्शन हो रहे हैं।

विरोध प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका में भी हो रहे हैं, जहां 1994 में लोकतंत्र विरोधी संघर्ष के बावजूद, विभाजन और अन्याय की एक विरासत अभी भी एक ऐसे समाज में व्याप्त है जहां लाखों लोग ज्यादातर काले गरीबी में रहते हैं।

वाटिकन में दक्षिण अफ्रीका के राजदूत, जोर्ज जोहान्स, जो खुद वर्षों से रंगभेद विरोधी कार्यकर्ता और अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे। उन्होंने अपने जीवन के कई साल जबरन निर्वासन में बिताया। राजदूत जोर्ज ने वाटिकन न्यूज की लिंडा बोर्डोनी से ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन के बारे में अपने विचारों को साझा किया : राजदूत जोहान्स ने कहा कि मिनियापोलिस में पुलिस द्वारा जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से मौजूदा सामाजिक उथल-पुथल अमेरिका के लिए विनाशकारी है। इस समय अधिकारियों को कोविद -19 का सामना करने हेतु ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि "इस तथ्य पर भी प्रकाश डाला गया है कि अमेरिका में अश्वेत आबादी हमेशा से ही अंतिम छोर पर रही है", न केवल अफ्रीकी अमेरिकियों की लंबी सूची से, जो पुलिस अधिकारियों द्वारा मारे गए हैं, या जो पुलिस हिरासत में मारे गए हैं, लेकिन कोरोनोवायरस महामारी से भी असंगत रूप से प्रभावित हुए हैं।

नस्ल और सामाजिक असमानता

उन्होंने कहा, "मुझे यह पता लगाना बहुत दिलचस्प लगा कि क्यों अफ्रीकी अमेरिकी लोग कोरोनावायरस से ज्यादा संक्रमित हैं? उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह उनकी सामाजिक परिस्थितियाँ हैं जिसमें वे रहते हैं। वे सीढ़ी के सबसे निचले पायदान पर हैं और स्वास्थ्य के मुद्दों से बुरी तरह प्रभावित हैं वे 'स्वास्थ्य देखभाल के लिए भुगतान करने का खर्च नहीं उठा सकते। वे अपनी परिस्थिति से निराश हैं और अपने गुस्से और आक्रोश को प्रकट कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यह देखते हुए कि क्रोध और ‘ब्लैक लाइव मैटर’ आंदोलन द्वारा व्यक्त किए गए न्याय की मांग न केवल संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पहली बार विश्व स्तर पर पहुँची है वर्षों से लोग इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कराने का प्रयास करते रहे पर उन्हें अनदेखा किया गया था। अब सभी सरकारों को स्थिति को सुधारने के लिए चुनौती दी गई है।”

सुलह प्रक्रिया

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि अमेरिका के पास दक्षिण अफ्रीका से सीखने के लिए कोई सबक है, राजदूत ने उस सुलह प्रक्रिया को याद किया, जब रंगभेद शासन रंगभेद शासन को खत्म कर दिया गया था और लोगों को उनके दर्द और शिकायतों के बारे में खुलकर बोलने की अनुमति दी गई थी।

उन्होंने कहा, "शायद अमेरिका को भी एक सुलह प्रक्रिया की आवश्यकता है जहां लोग अपने परिवारों के साथ क्या हुआ है, इस बारे में बातें कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि अन्याय और क्रोध के मुद्दे बाहर निकल रहे हैं और यह बहुत मददगार है। संयुक्त राज्य अमेरिका को नस्लीय रूप से विभाजित देश के रूप में नहीं देखा गया है, लेकिन देश गहन परिस्थितियों का सामना कर रहा है  जिन्हें तत्काल निपटने करने की आवश्यकता है।

संघर्ष जारी है

अंत में, लोकतंत्र के लिए दक्षिण अफ्रीकी संघर्ष के लंबे वर्षों और पिछली शताब्दी में कई अन्य उत्पीड़ित लोगों के संघर्षों के बारे में सोचते हुए, राजदूत जोहान्स ने विश्वास व्यक्त किया कि ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन हमारे साथ बहुत लंबे समय तक रहने वाला है। "क्योंकि, यह 'वन ह्यूमन फामिली’ (एक मानवीय परिवार)के जीवन का मामला है जिसे संत पापा फ्राँसिस ने अपने विश्वपत्र ‘लौदातो सी’ में मानवता का वर्णन किया है।

"मुझे लगता है कि हमें इस तथ्य से कभी नहीं चूकना चाहिए कि संघर्ष जारी है।"

24 June 2020, 17:00