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ख्रीस्तयाग में भाग लेते बच्चे ख्रीस्तयाग में भाग लेते बच्चे  (afp)

बचपन के ईशशास्त्र के साथ सुरक्षा की शुरुआत

कई संगठनों ने बच्चों, युवाओं और कमजोर वयस्कों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए निर्देशित वेबिनार की एक श्रृंखला पेश करने के लिए टीम बनाई।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

रोम, मंगलवार, 8 जून 2020 (वीएन अंग्रेजी) - चार संगठन एक साथ एक "सुरक्षित वेबिनार श्रृंखला" प्रस्तुत कर रहे हैं। यह श्रृंखला, नाबालिगों की सुरक्षा हेतु गठित परमधर्मपीठीय आयोग, इटली में ग्रेगोरियन विश्वविद्यालय और टेलेफ़ोनो अज़ुरुरो के बाल संरक्षण केंद्र के साथ, सुपीरियर जेनेरलों की अंतरराष्ट्रीय संघ (यूआईएसजी) की संयुक्त पहल है।

श्रृंखला का पहला वेबिनार 8 जून को दोपहर 2.00 से 3.30 बजे सम्पन्न हुआ। इसकी विषयवस्तु थी बच्चों, युवाओं और कमजोर वयस्कों की सुरक्षा तथा बचपन के अनुकूल ईशशास्त्र की आवश्यकता।

वेबिनार सहयोग के फल की रक्षा करना

पीसीपीएम के प्रोजेक्ट मैनेजर एमर मैक्कार्थी के अनुसार, वेबिनार का यह श्रृंखला यूआईएसजी के साथ जारी सहयोग एवं उनके पुरुष समकक्ष का परिणाम है। पीसीपीएम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उनका प्रयास बच्चों की सुरक्षा पर केंद्रित है। बच्चों को धर्मसंघी महिलाओं और पुरूषों द्वारा संचालित स्कूलों, बाल देखभाल केंद्रों, अस्पताल और विश्व के अन्य संरचनाओं से लाभ मिलता है।

एमर ने कहा कि कलीसिया में धर्मसंघी स्त्री और पुरूष, बच्चों एवं कमजोर लोगों की देखभाल में निश्चय ही पहली पंक्ति पर होते हैं जबकि महामारी के कारण सहयोग "अचानक बंद हो गया था"।

वेबिनार श्रृंखला "महामारी के दौरान जागरूकता बनाये रखने के लिए, बढ़ते जोखिम को देखते हुए" बच्चों और कमजोर व्यक्तियों के लिए पीसीपीएम के सदस्यों की चिंता के जवाब के रूप में बनाई गई थी।"

बच्चों का ईशशास्त्र

प्रथम वेबिनार का विषय "बचपन के सुसंगत धर्मशास्त्र की आवश्यकता" को लक्षित करेगा। सिस्टर एमर ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है। कलीसिया में बचपन के अनुरूप धर्मशास्त्र विकसित करने की आवश्यकता का निष्कर्ष कलीसिया के सभी स्तर के लोगों, जैसे- प्रचारक, स्थानीय धर्माध्यक्ष एवं काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष तक पहुंचा है। जबकि कुछ ईशशास्त्री खोज करने और विषयों पर लेख लिखना शुरू कर चुके हैं किन्तु अभी तक एक मूल लेख तैयार नहीं है। हमें एक ऐसे लेख की जरूरत है जिससे बताया जा सके कि बच्चों की सुरक्षा की आवश्यकता क्यों है, हम क्यों कलीसिया हैं, क्यों ख्रीस्तीय और काथलिक हैं, हम बच्चों को अपने बीच रखने के लिए बुलाये गये हैं जैसा कि येसु ने किया।

सुरक्षा के लिए मन-परिवर्तन की आवश्यकता

सिस्टर ने कहा कि सुरक्षा में मन-परिवर्तन शामिल है, जो तभी हो सकता है जब लोग सुरक्षा का अभाव महसूस करें। इसके लिए उन लोगों को सुनने की आवश्यकता है जिन्होंने याजकीय सदस्यों द्वारा यौन दुराचार के भयानक परिस्थितियों का सामना किया है। उनकी कहानियाँ इस "सुरक्षा की अनुपस्थिति" को प्रस्तुत करती हैं और इसलिए, यह इंगित करती हैं कि दूसरों की सुरक्षा के लिए क्या करने की आवश्यकता है। उनको सुनना पीसीपीएम की प्राथमिकता है। पीसीपीएम के द्वारा उनकी आवाज कलीसिया के उच्च स्तर के अधिकारियों तक पहुँची है। हम कभी भी आत्मसंतुष्ट नहीं हो सकते। हम नियमों, कानूनों और उनकी संरचनाओं को बनाने में प्रगति कर सकते हैं किन्तु बच्चों और कमजोर लोगों के साथ काम करनेवाले कलीसिया के लोग जब तक सचेत नहीं होंगे कि सुरक्षा को व्यवहारिक रूप से लागू करना है तब तक हम नहीं कह सकते कि हमने समस्या का समाधान कर लिया है।

आने वाले दिनों में वेबिनार

18 जून 11:30 बजे – फादर हंस जोल्नर येसु समाजी, "लॉकडाउन के समय में ऑनलाईन सुरक्षा।

30 जून 11: 30 बजे – डॉ. गाब्रिएल डाए लियाको, " विक्टिमोलॉजी और संबंध का सुरक्षित मॉडल।”

6 जुलाई 11: 30 बजे – प्रो. कैफो, "लॉकडाउन के बाद बच्चों की देखभाल- महामारी ने किस तरह हमारे संबंधों को बदल दिया है?" 

09 June 2020, 16:52