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पूर्वी तिमोर में कोरोना से जूझते लोग पूर्वी तिमोर में कोरोना से जूझते लोग  (ANSA)

कोविड-19: नफ़रत भरी भाषा की 'सूनामी' को रोकना होगा, यूएन महासचिव

कोविड-19 महामारी के साथ पूरे विश्व में नफ़रत भरे संदेशों की ‘सूनामी’ भी तेज़ी से उभरी है जिसे रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुट कार्रवाई की आवश्यकता है। विदेशियों के प्रति डर व नापसंदगी और नस्लवाद बढ़ रहा है, साथ ही लोगों व समुदायों को बलि का बकरा बनाकर डर फैलाया जा रहा है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

न्यूयॉर्क, शनिवार 9 मई 2020 (यूएन न्यूज) : कोविड-19 महामारी के साथ पूरे विश्व में नफ़रत भरे संदेशों पर चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ऐसे संदेशों के उदाहरण दिए हैं– इनमें विदेशियों के ख़िलाफ़ भावनाएँ, यहूदीवाद-विरोधी साज़िशें और मुसलमानों पर हमलों के अलावा अन्य मामलों का ज़िक्र किया।

 उन्होंने कहा कि कोविड-19 वायरस ये परवाह नहीं करता कि हम कौन हैं, हम कहाँ रहते हैं, हमारी आस्थाएँ क्या हैं या किसी अन्य प्रकार की भिन्नताएँ। इस सूनामी से एक साथ मिलकर निपटने के लिए हरसंभव एकजुटता की ज़रूरत है।

यूएन प्रमुख ने कहा कि प्रवासियों और शरणार्थियों को वायरस का स्रोत बताकर तिरस्कृत किया गया है और उन्हें उपचार से वंचित रखा गया है। इसके अलावा इंटरनेट पर ऐसे संदेश फैलाए जा रहे हैं जिनके मुताबिक इस संकट के दौरान वृद्धजनों की जान बचाने के लिए ज़्यादा कोशिश की ज़रूरत नहीं है।

नफ़रत भरे संदेशों पर लगाम जरुरी

उन्होंने कहा, “हमें बिल्कुल अभी कार्रवाई करनी होगी ताकि समाजों की प्रतिरोधी क्षमता को नफ़रत के वायरस के विरुद्ध मज़बूत बनाया जा सके।”

इसी सिलसिले में उन्होंने वैश्विक स्तर पर नफ़रत भरे संदेशों पर लगाम कसने के लिए अपील जारी की है।संयुक्त राष्ट्र ने हाल के समय में विदेशियों के प्रति डर व नापसंदगी, नस्लवाद और असहिष्णुता जैसी समस्याओं के उभार पर गहरी चिंता जताते हुए असरदार कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है।

डिजिटल साक्षरता

महासचिव गुटेरेश ने राजनेताओं से सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देकर उसे और ज़्यादा मज़बूती प्रदान करने का आग्रह किया है। साथ ही शैक्षिक संस्थानों को डिजिटल साक्षरता पर प्रयास केंद्रित करने होंगे क्योंकि अरबों युवा ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं, और वहाँ वे अतिवादियों या चरमपंथियों का शिकार बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मीडिया, विशेषकर सोशल मीडिया कंपनियों को नस्लवादी, महिला-विरोधी और अन्य हानिकारक वेब सामग्री के बारे में चेतावनी देने के लिए और ज़्यादा प्रयास करने होंगे।

 “मैं नागरिक समाज से निर्बलों तक पहुँचने के प्रयास ज़्यादा मज़बूत बनाने और धार्मिक नेताओं से पारस्परिक सम्मान के मानक के रूप में काम करने की पुकार लगाता हूँ। मैं हर किसी से हर जगह नफ़रत के ख़िलाफ़ खड़ा होने, एक दूसरे के साथ गरिमामय बर्ताव करने और दयालुता फैलाने के हर अवसर का लाभ उठाने के लिए कहता हूँ।”

अबतक पूरे विश्व में में कोरोना वायरस से संक्रमित 39,35,828 मामले दर्ज किये गये हैं और 2,74,655 लोगों की मौत हुई हैं और 1,319,306 लोग इससे बीमारी से ठीक हुए हैं।

09 May 2020, 15:33