खोज

Vatican News
नई दिल्ली में लॉकडाउन के समय दो पुलिस नई दिल्ली में लॉकडाउन के समय दो पुलिस  (AFP or licensors)

भारत के दो महीने के लॉकडाउन को उठाने पर कोई सहमति नहीं

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई को राज्य के नेताओं के साथ छह घंटे की एक वर्चुवल बैठक की, भारत में 54 दिनों की राष्ट्रव्यापी कोविद -19 लॉकडाउन को उठाने पर अब भी आम सहमति नहीं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

भारत, मंगलवार, 12 मई 2020 (ऊकान)- बैठक में मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्रियों से महामारी का सामना करने के उन तरीकों के बारे में जानकारी मांगी, जिससे करीब 2,200 लोगों की जानें जा चुकी हैं और पूरे देश में 70,000 से अधिक लोग संक्रमित हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि मोदी 12 मई की संध्या देश को सम्बोधित करेंगे। भारत 17 मई को लॉकडाउन खोलने की उम्मीद कर रहा है। मोदी के 24 मार्च को सिर्फ चार घंटे का समय देकर, देशव्यापी लॉकडाउन की पहली घोषणा के बाद, इसे तीन बार बढ़ाया जा चुका है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ऊकान न्यूज को बताया कि "लॉकडाउन से पूरी तरह बाहर निकलना अब संभव नहीं है।"

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात राज्यों के खासकर शहरों में संक्रमण दर बढ़ गया है। मोदी ने सभा में जोर दिया है कि अब तक कोविड-19 से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है सामाजिक दूरी रखना।

सभा में कम्युनिस्ट शासित केरल और विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाले पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्यों के कम प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को आंशिक रूप से फिर से शुरू करने की मांग की। छत्तीसगढ़ राज्य के कांग्रेस मुख्यमंत्री भूपेश भागेल ने संघीय सरकार से राज्यों को लॉकडाउन मानदंडों के विवरण के लिए "अधिक स्वायत्तता" देने के लिए कहा। संघीय सरकार ने शहरी क्षेत्रों में फंसे सैकड़ों हजार भारतीयों को उनके घरों तक जाने में मदद करने के लिए यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। हालांकि, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने का विरोध किया, जिनका तर्क तमिलनाडु और बिहार राज्यों के तर्क के समान है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, "राज्यों को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और इसलिए उन्हें लॉकडाउन से संबंधित दिशानिर्देशों में उचित बदलाव करने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।"

भारत में कुछ दिनों से संक्रमण से 2000 या उससे अधिक मामले जुड़ते जा रहे हैं। नये संक्रमण उन क्षेत्रों में रिपोर्ट किये जा रहे हैं जहाँ प्रवासी मजदूर शहरी क्षेत्रों से अपने घर लौट रहे हैं। बड़े पैमाने पर निकासी योजना के तहत हजारों फंसे हुए भारतीयों को विदेश से, बुरी तरह से प्रभावित देशों से एयरलिफ्ट किया गया था।

भारतीय रेलवे 1 मई से प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए "श्रम विशेष" ट्रेनें चला रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि संघीय सरकार एक तरफ सख्त लॉकडाउन प्रवर्तन चाहती है, लेकिन दूसरी तरफ ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू कर रही है। ममता ने बैठक में मोदी से पूछा, "जब भारत सरकार ने भूमि सीमाओं, ट्रेनों को शुरू करने और हवाई अड्डों को खोलने सहित लगभग सब कुछ खोल दिया है, तो आगे लॉकडाउन जारी रखने में क्या बात है?"

महाराष्ट्र राज्य में 23,000 कोविद -19 मामले हैं जो भारत में सभी मामलों का एक तिहाई है। इसके मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि मोदी लॉकडाउन में '' विशिष्ट, ठोस दिशा दिखाएँ जिससे कि राज्य सरकारें उन पर अमल कर सकें।”

बुरी तरह से प्रभावित दिल्ली राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्र की राजधानी में प्रतिबंधित क्षेत्रों को छोड़कर, दिल्ली के सभी हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों की अनुमति की मांग की।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक विशेष प्रतिक्रिया व्यक्त करने का अनुरोध किया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मोदी चाहते हैं कि "राज्यों को लॉकडाउन के क्रमिक ढील के दौरान और बाद में, विभिन्न बारीकियों से निपटने के लिए एक खाका बनाया जाए।"

12 May 2020, 16:44