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ब्रिटेन के प्रधान मंत्री  अस्पताल से बाहर निकलने के बाद वासियों को संबोधित करते हुए ब्रिटेन के प्रधान मंत्री अस्पताल से बाहर निकलने के बाद वासियों को संबोधित करते हुए 

कोरोना से रोकथाम के लिए ब्रिटेन देगा 200 मिलियन पाउंड

ब्रिटेन ने रविवार को कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर देशों में कोरोना के प्रसार को कम करने और संक्रमणों की दूसरी लहर को रोकने में मदद के लिए वह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को 200 मिलियन पाउंड (248 मिलियन डॉलर) का दान दे रहा है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

लंदन, सोमवार 13 अप्रैल 2020 (वाटिकन न्यूज) : लॉकडाउन या अन्य प्रतिबंधों का सामना करने वाली दुनिया की अधिकांश आबादी को, ब्रिटेन की सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में 200 मिलियन पाउंड (248 मिलियन डॉलर) ईस्टर पर उपहार देने की घोषणा की। सरकार ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्ल्यूएचओ के लिए 65 मिलियन पाउन्ड और संयुक्त राष्ट्र की अन्य एजेंसियों के लिए 130 मिलियन पाउंड दिये जाएंगे।

विश्व भर में कोरोना से 16 लाख से अधिक लोगों के संक्रमित होने की सूचना है और आंकड़ों के अनुसार मौतों की संख्या 1 लाख से अधिक हो गई है। 210 देशों में कोरोना के संक्रमण की सूचना मिली है। पिछले साल दिसंबर में चीन में वायरस के पहले मामले की पहचान की गई थी।

कमजोर देशों को सहायता

ब्रिटिश सहायता मंत्री ऐनी-मैरी ट्रेवेलियन ने कहा कि सबसे गरीब देशों की सहायता करने से यूनाइटेड किंगडम में वायरस को फिर लौटने से रोकने में मदद मिलेगी। ब्रिटेन ने कोरोना से अब तक लगभग 10 हजार लोगों की मौत की सूचना दी है। जो विश्व भर के देशों में पांचवीं सबसे ज्यादा संख्या है।

ब्रिटिश विशेषज्ञता

ट्रेवेलियन ने एक बयान में कहा, "जबकि हमारे कुशल डॉक्टर और नर्स देश में वायरस से लड़ रहे हैं, हम ब्रिटेन में पहुंचने वाली दूसरी घातक लहर को रोकने के लिए दुनिया भर में ब्रिटिश विशेषज्ञता और फंडिंग तैनात कर रहे हैं। वायरस देश की सीमाओं का सम्मान नहीं करता है, इसलिए ब्रिटिश जनता की रक्षा करने की हमारी क्षमता केवल तभी प्रभावी होगी, जब हम कमजोर विकासशील देशों की स्वास्थ्य प्रणालियों को भी मजबूत करेंगे।"

अन्य 50 मिलियन पाउंड रेड-क्रॉस को युद्ध-ग्रस्त और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद करने के लिए जाएंगे और 20 मिलियन पाउंड अन्य संगठनों और चारिटी के लिए दिये जा रहे हैं।

यह सहायता यमन जैसे युद्ध-ग्रस्त कमजोर स्वास्थ्य प्रणालियों वाले क्षेत्रों की मदद करेगा, जहां शुक्रवार को वायरस का पहला मामला दर्ज किया गया। इससे बांग्लादेश में वायरस रोकने में मदद मिलेगी, जहां भीड़-भाड़ वाले शिविरों में 8.5 लाख रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रस एडनोम घेब्येयस ने कहा, "ब्रिटेन का उदार योगदान एक मजबूत संदेश है कि कोरोना एक वैश्विक खतरा है जो वैश्विक प्रतिक्रिया की मांग करता है।"

डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा आलोचना

हालांकि, डब्ल्यूएचओ के लिए ब्रिटेन के बड़े पैमाने पर समर्थन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विचार के विपरीत है। उन्होंने कोविद-19 संकट से निपटने की एजेंसी की आलोचना की और सुझाव दिया कि उनका प्रशासन अमेरिकी धन का पुनर्मूल्यांकन कर सकता है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक, टेड्रोस अदनोम घेब्येयूसस से गुस्से में प्रतिक्रिया हुई। "कृपया इस वायरस का राजनीतिकरण न करें," बुधवार को उग्र टिप्पणी में टेड्रोस ने कहा।

13 April 2020, 15:50