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कार्डिनल बेरहनेयेसुस सौरीगेल सी.एम. कार्डिनल बेरहनेयेसुस सौरीगेल सी.एम.  

चालीसा पश्चाताप हेतु आहृवान, इथोपिया के कार्डिनल

अदीस अबाबा के इथियोपियाई महाधर्माध्यक्ष, कार्डिनल बेरहनेयेसुस सौरीगेल सी.एम. ने चालीसा काल को हृदय परिवर्तन का समय निरूपित किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 24 फरवरी 2020 (रेई) इथियोपियाई महाधर्माध्यक्ष, कार्डिनल बेरहनेयेयुस सौरीगेल सी.एम. ने अपने संदेश में चालीसा काल को ईश्वर की ओर से हृदय परिवर्तन की अवधि हेतु निमंत्रण कहा।

उन्होंने कहा,“हम सभी अपने में पापी हैं जिन्हें ईश्वरीय करूणा और क्षमा की आवश्यकता है”। चालीसा हमारे लिए एक विशेष समय है जहाँ हम त्याग और पश्चताप करते हुए अपने प्रार्थनामय जीवन और अच्छे कार्यों के द्वारा भौतिकतावाद, व्यक्तिगतवाद और धार्मिकता के उदासीकरण परिस्थिति में हृदय परिवर्तन हेतु आमंत्रित किये जाते हैं।

उपवास येसु के निकट लाता

कार्डिनल ने अपने संदेश में इथोपियाई विश्वासियों से आग्रह किया कि वे एक-दूसरे को क्षमा करते हुए देश में शांति निर्माण के साधन बनें। “इस पुण्य अवधि में हम ईश्वरीय कृपा के भागीदार बने और निष्ठापूर्ण हृदय से अपने पापों के लिए उनसे क्षमा की याचना करें।” हम अपने में एक-दूसरे को क्षमा करने हेतु तैयार रहें और प्रेम में ख्रीस्त विश्वासियों की तरह जीवनयापन करें जिन्होंने हमारे प्रेम के कारण अपने को पूर्णरूपेण निछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि तपस्या हमें येसु ख्रीस्त के अति निकट लाता और उनके प्रेम में बढ़ने हेतु मदद करता है।

चालीसा में पारिवारिक प्रार्थना एक साथ

ख्रीस्तियों के लिए चालीसा एक उचित समय है जहाँ हम एक-दूसरे के संग एकता में मजबूत होते और अपनी आध्यात्मिकता में विकास करते हैं। “चालीसा का यह पवित्र समय हमारे लिए एक महान अवसर है जहाँ हम एक-दूसरे के साथ प्रार्थना में अधिक समय व्यतीत करते, येसु ख्रीस्त के वचनों को एक-दूसरे के साथ साझा करते, अपने बच्चों को चालीसा का अर्थ बतलाते और बलिदान के महत्व को समझने में मदद करते हैं”।

दूसरों को सेवा करने का समय

कार्डिनल बेरहनेयेसुस ने कहा कि चालीसा अपने में बंद रहने का समय नहीं बल्कि यह हमें अपने से बाहर निकलने और दूसरों की सेवा करने का एक उत्तम समय है। दान देना हमें इस बात की याद दिलाती है कि हम केवल अपने लिए न जीयें, बल्कि ईश्वर और अपने पड़ोसियों के लिए जीयें। हम अपने में मालिक नहीं अपितु सेवक हैं जो उनकी कृपाओं और अपने जीवन के मूल्यवान वरदानों को दूसरों के साथ साझा करने हेतु बुलाये जाते हैं।

24 February 2020, 17:13