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कार्डिनल पीटर टर्कसन कार्डिनल पीटर टर्कसन 

चुनौतियों के बीच आशा को देखने की जरूरत

एक प्रभावशाली ईरानी सैन्य कमांडर की हत्या से अमेरिका और ईरान के बीच जब तनाव में वृद्धि हुई है, समग्र मानव विकास हेतु गठित परमधरमपीठीय परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल टर्कसन ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि साल की दुखद शुरूआत के बावजूद, शांति, आशा पर ही टिकी है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 4 जनवरी 2020 (रेई)˸ शुक्रवार को ईराक में अमरीकी हवाई हमले द्वारा शीर्ष ईरानी सैन्य कमांडर, जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से ही वॉशिंगटन एवं तेहरान में तनाव बढ़ा हुआ है। जनरल सुलेइमानी, ईरान की सीमाओं से परे संचालन के साथ काम करने वाली सेना के प्रमुख थे।

नये साल की शुरूआत हृदय विदारक

अमरीका एवं ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर कार्डिनल टर्कसन ने कहा है कि "यह अत्यन्त दुखद और हृदय विदारक है कि नया साल जिसकी शुरूआत हमने शांति और स्थिरता के लिए, उत्साह एवं पूर्ण आशा के साथ किया, विश्व के एक भाग से हमें हिंसा और युद्ध के समाचार सुनाई पड़ रहे हैं।   

कार्डिनल ने वाटिकन न्यूज के पत्रकार अमादेओ लोमोनाको से कहा कि "ख्रीस्तियों के रूप में हम जानते हैं कि हमारे मुक्तिदाता एवं नेता का जन्म हमारी ही परिस्थिति में हुआ है।"

उन्होंने कहा, "जब हम शांति की बात करते हैं, तब भी दुनिया में ऐसी ताकतें हैं ... जो हमसे हिंसा की बात करते हैं, और हम इनसे तभी ऊपर उठ सकते हैं जब हम प्रभु, शांति के राजकुमार का हाथ पकड़ें।"

शांति धीरज की मांग करती है

1 जनवरी विश्व शांति दिवस पर संत पापा फ्राँसिस के संदेश के बारे पूछे जाने पर कार्डिनल ने कहा कि संत पापा लोगों को निमंत्रण देते हैं कि वे शांति को एक यात्रा के रूप में देखें। शांति के लिए बहुत धीरज की आवश्यकता है। इसके लिए संघर्ष करने की भी जरूरत है। यह संघर्ष आशा के सदगुण पर टिकी हों, जो इस तथ्य में निहित है कि शांति की वास्तविकता को दुनिया में येसु, शांति के राजकुमार द्वारा प्रदान किया जा रहा है।”

अमरीका का ईरान पर हमला

हमला जिसमें सोलेइमानी के एक सलाहकार ईराक के मिलिशिया के कमांडर अबू महदी अल-मुहांडिस की भी हत्या हुई है, इसका आदेश अमरीका के राष्ट्रपति डॉन्ड ट्रम्प ने दी थी। अमरीका के राज्य सचिव माईक पोमपेई ने कहा कि यह हमला एक निकटस्थ हमले के खतरे को नाकाम करना था जो अमेरिकियों को मध्य पूर्व के खतरे में डाल सकता था।

यह हमला लंबे समय तक अमेरिकी-ईरानी बढ़ती शत्रुता का परिणाम है। पिछले हफ्ते ही ईरानी समर्थक मिलिशियन ने ईराक में अमेरिकी दूतावास पर हमला किया था। वॉशिंगटन ने भी खाड़ी जलयात्रा पर पहले छापे के लिए तेहरान को ही दोषी ठहराया है।

बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने सभी अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईराक छोड़ने की सलाह दी। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सहित यूरोप के सभी सहयोगियों ने शुक्रवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री डॉमिनिक रैब के साथ तनाव में वृद्धि के बारे में चिंता व्यक्त की, तथा सभी दलों से तनाव कम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा है कि आगे का संघर्ष हमारे हित में नहीं है।

04 January 2020, 14:20