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मेक्सिको प्रवासन संकट मेक्सिको प्रवासन संकट  (ANSA)

मेक्सिको और ग्वाटेमाला द्वारा अमेरिकी प्रवासी समझौते का विरोध

मेक्सिको और ग्वाटेमाला की सरकारें एक ऐसे कदम का विरोध कर रही हैं जिसमें शरण चाहने वालों को ग्वाटेमाला भेजा जाएगा। अमेरिकी प्रवासन अधिकारियों द्वारा प्रवासियों के आवेदनों पर विचार किया जा रहा है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

ग्वाटेमाला, बुधवार 8 जनवरी 2020 (वाटिकन न्यूज) : ग्वाटेमाला को पिछले साल संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया गया था, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने उनकी सरकार को चेतावनी दी थी कि उनके द्वारा दी गई सहायता को निलंबित किया जा सकता है। मध्य अमेरिकी राष्ट्रों के प्रवासी जो ग्वाटेमाला से गुजरते हुए मेक्सिको आते हैं और अमेरिका के साथ बॉर्डरलाइन पर औपचारिक रूप से आवेदन करने और वहां परिणाम का इंतजार करने के लिए वापस ग्वाटेमाला भेजे जा सकते हैं।

इस प्रक्रिया से गुजरने वाले बहुत कम लोगों को ही स्वीकार किए जाने की संभावना है। लेकिन अब अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया मेक्सिको के लोगों पर भी लागू हो सकता है। मेक्सिकन विदेश मंत्रालय उस प्रक्रिया की आलोचना कर रही है। अब तक, यह भी लगातार प्रवासियों का सुरक्षित आश्रय राष्ट्र बनने से इनकार कर दिया।

समझौते की समीक्षा

ग्वाटेमाला समझौते पर तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी मोरालेस ने हस्ताक्षर किए थे। नये राष्ट्रपति अलेजांद्रो जीमैटेती, जिन्होंने इस महीने अपना पज संभाला है, का कहना है कि वे इस समझौते की पूरी समीक्षा करने जा रहे हैं। इससे अमेरिका को परेशानी होने की संभावना है। फिर भी, ग्वाटेमाला के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि उनके पास शरण चाहने वाले प्रवासियों को रखने के लिए सुविधाएं और पैसे नहीं हैं। वे कुछ समय के लिए उनके पास रह सकते हैं। होंडुरास और एल सल्वाडोर ने भी इसी तरह के समझौतों पर हस्ताक्षर किया है।

मेक्सिको ने स्वयं संभावित प्रतिबंधों को लगाया। अपने दक्षिणी और उत्तरी सीमा पर हजारों नेशनल गार्ड भेजकर गैर-दस्तावेजी प्रवासन को कम कर दिया। जबकि प्रवासियों के कारवां लगातार मैक्सिको सिटी पहुंचता था और उत्तर की ओर बढ़ने से पहले एक फुटबॉल स्टेडियम में डेरा डाल देता था।

08 January 2020, 15:41