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पवित्रभूमि के ख्रीस्तीय नेता, फाइल तस्वीर 2019 पवित्रभूमि के ख्रीस्तीय नेता, फाइल तस्वीर 2019  (AFP or licensors)

पवित्र भूमि, शांति समझौते का आधार हो समानाधिकार

पवित्रभूमि के काथलिक नेताओं ने अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की शांति और समृद्धि योजना पर प्रतिक्रिया दर्शाते हुए इसे एकपक्षीय योजना बताया है, जिसमें फिलीस्तीनी लोगों के अधिकारों एवं मान मर्यादा का ख़्याल नहीं रखा गया है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर- वाटिकन सिटी

जैरूसालेम, शुक्रवार, 31 जनवरी 2020 (रेई, वाटिकन रेडियो): पवित्रभूमि के काथलिक नेताओं ने अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की शांति और समृद्धि योजना पर प्रतिक्रिया दर्शाते हुए इसे एकपक्षीय योजना बताया है, जिसमें फिलीस्तीनी लोगों के अधिकारों एवं मान मर्यादा का ख़्याल नहीं रखा गया है।

प्रार्थना का आमंत्रण   

अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प की शांति योजना की प्रस्तुति के उपरान्त पवित्र भूमि के काथलिक नेताओं की सभा द्वारा जारी वकतव्य में कलीसियाई नेताओं ने ख्रीस्तानुयायियों को आमंत्रित किया कि पवित्रभूमि के प्रश्न पर वे एक न्यायसंगत समाधान हेतु प्रार्थना करें। साथ ही, इस तथ्य की अभिव्यक्ति करें कि अमरीकी राष्ट्रपति द्वारा सुझायी गयी योजना कोई समाधान नहीं ढूँढ़ पायेगी, इसके विपरीत, यह इसराएली-फिलीस्तीनी संघर्ष में और अधिक तनावों को जोड़गी तथा सम्भवतः, और अधिक हिंसा एवं रक्तपात को प्रश्रय देगी।     

मंगलवार को व्हाइट हाउस द्वारा जारी योजना, भावी स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की संभावना तथा वेस्ट बैंक की बस्तियों पर इस्राएल की संप्रभुता को मान्यता दी जाने का प्रस्ताव करती है। यह योजना जैरूसालेम शहर को इस्राएल की राजधानी, जबकि, पूर्वी जैरूसालेम को फिलिस्तीन की राजधानी बनाने की अनुमति प्रदान करती है, जहाँ संयुक्त राज्य अमरीका अपने भावी दूतावास का निर्माण करेगा।  

"एकतरफा पहल"

पवित्र भूमि के काथलिक धर्माध्यक्षों, विभिन्न रीतियों के प्राधिधर्माध्यक्षों तथा पवित्र भूमि के संरक्षक फ्राँसिसकन धर्मसमाजियों ने योजना को "एकतरफा पहल" निरूपित किया है जो फिलिस्तीनियों को "गरिमा और अधिकार" नहीं देती है।

उनका कहना है कि उक्त योजना इस्राएल की सारी मांगों एवं उसके राजनैतिक एजेन्डा को पूरा करती है जबकि, अपनी मातृभूमि में अधिकारों एवं प्रतिष्ठापूर्ण जीवन सम्बन्धी फ़िलिस्तीनी लोगों की माँगों को ध्यान में नहीं रखती।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वे "उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षरित पिछले समझौतों का सम्मान किया जायेगा और लोगों के बीच पूर्ण समानता के आधार पर उसमें सुधार किया जायेगा।" काथलिक नेताओं के वकतव्य में विश्व के समस्त ख्रीस्तीय गिरजाघरों को "पवित्र भूमि के लिए प्रार्थना के लिये आमंत्रित किया है ताकि, न्याय और शांति की दिशा में काम किया जाये।  

31 January 2020, 09:51