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‘रैप संगीत’ के जरिए ईश्वर की खोज

ग्रिलेक्स ईश्वर से नाराज था और उसने रैप संगीत के बोल के माध्यम से अपने गुस्से को व्यक्त किया। लेकिन परमेश्‍वर ने भी खुद को सबसे अप्रत्याशित तरीकों से व्यक्त किया। तब से सब कुछ बदल गया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार 13 दिसम्बर 2019 (वाटिकन न्यूज) : गुइलेर्मो एस्टेबन 25 साल का है और मैड्रिड से आता है। उनके प्रशंसक उन्हें ग्रिलेक्स के नाम से जानते हैं। वह खुद को "ख्रीस्तीय रैपर" कहता है क्योंकि वह युवा पीढ़ी को ख्रीस्तीय मूल्यों को संप्रेषित करने के लिए रैप संगीत का उपयोग करता है। लेकिन वह शुरु में एक रैपर या एक ख्रीस्तीय नहीं था।

जब गुइलेर्मो 17 साल का था, तो उसके छोटे भाई को एक गंभीर बीमारी ने धर दबोचा। डॉक्टरों के अनुसार उसे जीवित रहने की बहुत कम उमीद थी। गुइलेर्मो घबरा गया और उसने रैप संगीत में अपना एकमात्र आश्रय पाया। एकबार वह अपने भाई के लिए एक गीत लिख रहा था, तब उसे अंदर से हल्का महसूस किया कि संगीत ने उसे दुःख की परिस्थिति का सामना करने का साहस दिया।

ईश्वर का दोष

गुइलेर्मो की गाना वायरल हो गया और वह रातोंरात प्रसिद्ध हो गया। एक सेलिब्रिटी होने के नाते जल्दी ही  उसने अनुभव किया कि वह प्रभावशाली और दूसरों से बढ़कर है। उसने इस तरह से व्यवहार करना शुरू कर दिया जो खुद के लिए और उसके आसपास के लोगों के लिए हानिकारक था। धीरे-धीरे, उसके दोस्त दूर होते गए और गुइलेर्मो अकेला रह गया। अपनी गलतियों को पहचानने के बजाय, उसने ईश्वर को दोषी ठहराया।

गुइलेर्मो ने संगीत के माध्यम से अपने अकेलेपन, क्रोध,आहत और ईश्वर के साथ एक आंतरिक संवाद के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त की। कभी उसे लगता था कि ईश्वर का कोई अस्तित्व नहीं है। केवल एक चीज जो निश्चित थी, वह थी, कि वह अकेला, क्रोधित और आहत था, तो यह ईश्वर की गलती थी और वह अपने गीतों के बोल का उपयोग सभी को यही बताने के लिए किया।

अपने पहले संगीत कार्यक्रम के दौरान गुइलेर्मो
अपने पहले संगीत कार्यक्रम के दौरान गुइलेर्मो

ईश्वर का बुलावा

गुइलेर्मो धीरे-धीरे घृणा और आक्रोश के एक भंवर में फँसता गया। वह अपने को दोस्तों, परिवार और विश्वास भी अलग कर दिया। परंतु उसकी माँ चुप नहीं बैठी, वह उसे इस हाल में छोड़ नहीं सकती थी। एक दिन उसने गुइलेर्मो को पवित्र मिस्सा में शामिल होने के लिए बुलाया। उसने पहले तो मना कर दिया, लेकिन उसकी माँ आसानी से हार नहीं मानने वाली थी। आखिरकार, वह एक शर्त पर सहमत हो गया। उसने अपनी माँ से कहा,“मिस्सा के बाद,मैं आपके या मिस्सा के बारे में और कुछ नहीं जानना चाहता।"

गुइलेर्मो गिरजाघर पहुंचे और कार से बाहर निकल ही रहे थे कि एक लड़की उसका नाम बड़े जोर से लेते हुए उसकी ओर दौड़ी। उसने कहा कि वह कई दिनों से प्रसिद्ध रैपर से मिलना चाहती थी। बातचीत के दौरान उसने गुइलेर्मो को एक ‘अल्फा डिनर’ के लिए आमंत्रित किया। (एक डिनर टेबल के आसपास बातचीत और साझा करते हुए सुसमाचार प्रचार का एक नया तरीका है।) गुइलेर्मो ने रात के खाने की ज्यादा परवाह नहीं की, लेकिन उसे लड़की पसंद थी इसलिए उसने निमंत्रण स्वीकार किया।

गुइलेर्मो अपनी माँ के साथ
गुइलेर्मो अपनी माँ के साथ

ईश्वर बोलते हैं

गुइलेर्मो ने कई ‘अल्फा डिनर’ में भाग लिया। इस बीच उसका करियर लगातार बढ़ता गया। वह लोकप्रिय रैपर बनता गया उसके प्रशंसकों की संख्या बढ़ती गई।  थोड़ा-थोड़ा करके, ईश्वर खुद को गुइलेर्मो के जीवन में ला रहा था। एक दोस्त ने उसे स्वयंसेवकों के एक समूह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। पहले तो वह थोड़ा घबराया, फिर उसके साथ जाने को राजी हो गया। स्वयंसेवकों के साथ मिलकर कार्य करने का अनुभव आश्चर्यचकित करने वाला था। पहली बार उसने "लोगों में ईश्वर को ढूंढना" शुरू किया। उसने महसूस किया कि वह उनकी मदद करने वाला नहीं था, वे ही उनकी मदद करने वाले थे। अनुभव ने कुछ समय के लिए काम किया। बाद में वह फिर से अपने पुराने विनाशकारी तरीकों पर लौट आया। एकबार उसने एक आक्रामक रैप गीत प्रकाशित किया,तो उसके एक मित्र ने "कचरा" गीत का लेबल लगाया। अपने मित्र के इस लेबल से उसे झटका लगा। उसके दोस्त की टिप्पणी ने उसकी आँखें खोल दी और उसे जमीन पर पटक दिया। उसने पहली बार महसूस किया कि ईश्वर किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से उनसे बात कर रहे हैं।

अन्य स्वयंसेवकों के साथ गुइलेर्मो
अन्य स्वयंसेवकों के साथ गुइलेर्मो

ईश्वर का आगमन

गुइलेर्मो के मनपरिवर्तन की प्रक्रिया अपने भय का सामना करने के साथ शुरू हुई। पहला कदम था दिल को खोलना और यह महसूस करना कि ईश्वर वैसे नहीं हैं जो आप उसे सोचते हैं। यदि आप कोई पाप करते हैं तो वह आपको दंड देने के लिए तैयार खड़े नहीं है। इस नए अहसास ने गुइलेर्मो को ईश्वर की ओर आगे बढ़ने और ईश्वर के प्रेम को समझने तथा महसूस करने का अवसर दिया। जैसे-जैसे समय बीतता गया गुइलेर्मो ने महसूस किया कि वह इस प्रेम के ईश्वर, क्षमा के ईश्वर की ओर आकर्षित होता गया। ईश्वर उसके साथ रहता है आर वह हर परिस्थिति में उसका साथ नहीं छोड़ता।

ईश्वर के प्रति गुइलेर्मो का आकर्षण और प्यार बढ़ता गया। इस रिश्ते का प्रभाव इतना मजबूत था कि वह सोचने लगा कि ईश्वर के बिना यह जीवन व्यर्थ है। गुइलेर्मो को अहसास हो गया था कि ईश्वर एक जादू की छड़ी की तरह काम नहीं करता कि एक स्पर्श मात्र से आपका जीवन परिपूर्ण हो जाएगा। उसे समझ में आ गया कि विश्वास का जीवन एक यात्रा है, जिसमें क्रूस भी शामिल है।

एक प्रार्थना सभा में गुइलेर्मो
एक प्रार्थना सभा में गुइलेर्मो

ईश्वर का उपहार

गुइलेर्मो को विश्वास हो गया कि वह अपने रैप संगीत का उपयोग अच्छाई के लिए कर सकता है: अपने ईश्वर प्रदत्त उपहार को दूसरों पर रोब जमाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय, इसे दूसरों की भलाई के लिए कर सकता है। उन्होंने सुसमाचार के मूल्यों को संप्रेषित करने के लिए रैप संगीत का उपयोग करते हुए, सुसमाचार से प्रेरित गीतों की रचना शुरू की। उसने कहा, "मैं उन लोगों की मदद कर सकता हूँ, जो निराश हैं, जो अकेलापन और महत्वहीन महसूस करते हैं।"

गुइलेर्मो के जीवन की तरह, उनके गीतों के बोल भी पूरी तरह से बदल गए। आज,  वह "ईश्वर के लिए" नई पीढ़ियों को सुसमाचार संदेश प्रसारित करने के इरादे से लिखता है। गुइलेर्मो का कहना है कि  रैप संगीत, सुसमाचार प्रचार का एक शक्तिशाली साधन हो सकता है।

गुइलेर्मो "लौदातो सी” समारोह में प्रदर्शन करते हुए
गुइलेर्मो "लौदातो सी” समारोह में प्रदर्शन करते हुए

ईश्वर द्वारा चंगाई

गुइलेर्मो की कहानी 8 साल पहले अपने भाई की बीमारी से शुरु हुई थी। सौभाग्य से, उस कहानी का सुखद अंत होता है। वे कहते हैं, "आज मेरा भाई ठीक है, उन्हें कुछ मामूली कठिनाइयाँ हैं, लेकिन वह इस समय विश्वविद्यालय में मीडिया पर अध्ययन कर रहा है।"

 कहानी वहाँ समाप्त नहीं होती है। गुइलेर्मो के अनुसार, अपने भाई की बीमारी के दौरान, दोस्तों ने परिवार को संत पादरे पियो का अवशेष दिया। तब से उसका भाई ठीक होना शुरू किया।

13 December 2019, 11:48