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जेसुइट फादर स्टेन स्वामी  जेसुइट फादर स्टेन स्वामी  

रांची के सामाजिक कार्यकर्ता पुरोहित की संपत्ति जब्त

83 वर्षीय जेसुइट फादर स्टेन स्वामी आदिवासियों के अधिकारों के लिए और उनके वनों के विनाश के खिलाफ लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई में उनकी अनुपस्थिति के लिए जब्ती आदेश था।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

रांची, बुधवार 23 अक्टूबर 2019 (एशिया न्यूज) : झारखंड, रांची पुलिस ने फादर स्टेन स्वामी की सभी संपत्ति जब्त कर ली है। क्योंकि स्टेन स्वामी एक सुनवाई में उपस्थित नहीं थे, जहाँ वे मुकदमे के प्रतिवादी हैं।

83 वर्षीय जेसुइट पुरोहित स्टेन स्वामी एक प्रसिद्ध स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो आदिवासी भूमि के विस्थापन के खिलाफ, आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ते हैं और कैदियों के लिए बेहतर परिस्थितियों की गारंटी देने हेतु काम करते हैं।

झारखंड जनाधिकार महासभा (जेएमएम), झारखंड के लोगों के अधिकारों की ग्रैंड परिषद, (ईडी) के कार्यकर्ताओं ने पुरोहित की संपत्ति की जब्ती की निंदा की हैं और उनके खिलाफ सभी "खाली आरोपों" को वापस लेने की मांग की है।

 21 अक्टूबर को, लगभग तीस भारतीय पुलिस अधिकारी नामकुम (रांची के पास) के बागीचा परिसर में पुरोहित के आवास पर गए और जब्ती की कार्रवाई की। न्यायिक अधिकारियों ने पुरोहित को "भगोड़ा" घोषित किया था।

फादर स्टेन उन कार्यकर्ताओं में से हैं, जिनपर अगस्त 2018 के अंत में भारतीय पुलिस ने माओवादी छापामारों के साथ राजद्रोह, आतंकवाद और जटिलता का आरोप लगाया था। अधिकारियों ने जनवरी 2018 में दलित विरोध को उकसाने के सभी प्रतिवादियों पर आरोप लगाया। इस झड़प में एक की मौत हुई। फादर स्टेन फेसबुक पर सरना आदिवासियों के अधिकारों के सम्मान में पोस्ट लिखने के लिए "दोषी" करार किये गये ।

फादर स्टेन के अलावा, देश के सांस्कृतिक परिदृश्य में पांच प्रसिद्ध लोग गिरफ्तार किए गए और अभी भी जेल में हैं। वे हैं: हैदराबाद के लेखक और कवि वारावारा राव, सिविल लिबर्टीज के लिए छत्तीसगढ़ पीपुल्स यूनियन की सचिव और वकील सुधा भारद्वाज, कश्मीर के लिए पत्रकार और कार्यकर्ता गौतम नवलखा, मुंबई के लेखक वर्नोन गोंसाल्वेस, 2012 में (उत्तर-भारत में सक्रिय माओवादी छापामारों) के साथ मुंबई के एक वकील अरुण फरेरा, जिन्हें बाद में बरी कर दिया गया। दूसरी ओर, फादर स्टेन को कुछ दिनों के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया और वे बागीचा के परिसर में निवास करने के लिए वापस आ गये। इस साल भी सबूत के लिए उनके घर की कई बार तलाशी ली गई।

जेएमएम कार्यकर्ताओं के अनुसार, संपत्ति की फौजदारी पुलिस द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास इंगित करता है कि स्टेन की अपील गिरफ्तारी वारंट को रद्द करने के लिए असफल हो जाती है। "उत्पीड़न पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है और न्याय के लिए आवाज उठाने वालों को चुप कराने हेतु सरकार के बढ़ते प्रयासों के तहत आता है।"

23 October 2019, 16:21