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मानव तस्करी के  शिकार लोग मानव तस्करी के शिकार लोग 

तलिथा कुम, मानव तस्करी के खिलाफ 10 साल की कड़ी मेहनत

दुनिया भर से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ी धर्मबहनें और समर्पित महिलाएं मानव तस्करी के खिलाफ तलिथा कुम की 10वीं वर्षगांठ मनाने के लिए रोम आयी हुई हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

रोम, बुधवार, 25 सितम्बर 2019 (वाटिकन न्यूज) ˸ तलिथा कुम की आमसभा का आयोजन 21 से 27 सितंबर तक रोम में किया गया है। इसमें 48 देशों के 86 प्रतिनिधि भाग ले रहे है। सभा में विभिन्न देशों में धर्मबहनों द्वारा किये जा रहे कार्यों को साझा किया जाएगा, साथ ही मानव तस्करी और दासता के खिलाफ लड़ाई में नई रणनीतियों को लागू करने के बारे में चर्चा होगी।

विभिन्न देशों की 10 धर्मबहनों को एक विशेष पुरस्कार दिया जाएगा, जिन्होंने हाल के वर्षों में तस्करी विरोधी नेटवर्क का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

‘तलिथा कुम’ धर्मसमाजों के परमाधिकारिणियों के अंतरराष्ट्रीय संघ (यूआईएसजी) की एक परियोजना है, जिसे संघ के वरिष्ठ अधिकारिणियों (यूएसजी) के सहयोग से चलाया जा रहा है।

संत पापा फ्राँसिस ने मानव तस्करी को समाज रुपी शरीर का खुला घाव कहा है और इसके पीडितों को बचाने के लिए बार-बार आह्वान करते आ रहे हैं। वर्तमान में कम से कम 40 मिलियन लोग इसके शिकार हैं, जिनमें 70% महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

तलिथा कुम आमसभा की प्रतिभागी अस्ट्रेलिया की सिस्टर अंजेला रीड ने वाटिकन न्यूज को बताया कि तस्करी पर रोक लगाने के लिए अनेक निवारक उपायों को लागू किया जाना चाहिए।

सिस्टर रीड ने बताया कि मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में किए जाने वाले पहले कामों में से एक यह है कि उन कारणों को चिन्हित किया जाए और दूर किया जाए जो किसी व्यक्ति को तस्करी के लिए बाध्य करते हैं। "हमें बच्चे के जन्म के समय से ही कमजोरियों को दूर करने की आवश्यकता है।" उन्होंने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि जीवन की शुरुआत से ही, "कुछ शर्तें हैं वो मौजूद होनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर किसी के पास सुरक्षित और पर्याप्त आवास हो। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर बच्चे को शिक्षा मिले, वे एक समुदाय का सदस्य हों। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि युवा महिलाओं के लिए काम या नौकरी की व्यवस्था हो, ताकि वे यौन तस्करी की चपेट में न आएं।”

सिस्टर रीड ने कहा कि वैश्विक स्तर पर संरचनात्मक परिवर्तन हुए हैं जिसे हमारी आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रणालियों में लागू किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि युवा महिलाएं और सभी कमजोर लोग, अब तस्करी के लिए असुरक्षित नहीं हैं।

 

25 September 2019, 17:12