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श्री लंका में हमले के उपरान्त भारत के ख्रीस्तीय प्रार्थनारत- प्रतीकात्मक तस्वीर   श्री लंका में हमले के उपरान्त भारत के ख्रीस्तीय प्रार्थनारत- प्रतीकात्मक तस्वीर   (AFP or licensors)

भारत में जेसुइट स्कूल पर हमले के बाद काथलिक नेताओं की अपील

साहेबगंज के निकट मुंडली तीन पहाड़ में विगत सप्ताह एक जेसुइट स्थानीय मिशन केन्द्र पर घातक हमले के उपरान्त काथलिकों ने सहायता की अपील की है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

राँची, शुक्रवार, 13 सितम्बर 2019 (रेई, वाटिकन रेडियो):  झारखण्ड राज्य में जेसुइट धर्मसमाजियों द्वारा संचालित सन्त जॉन बर्कमेन इन्टर कॉलेज एवं छात्रावास पर विगत सप्ताह कम से कम 500 हिन्दू चरमपंथियों ने हमला कर दिया था।

लाठियों व चाकुओं से हमला

सन्त जॉन बर्कमेन इन्टर कॉलेज के सचिव फादर थॉमस कूज़ीवेली ने कहा कि हमलावर लाठियों, जंजीरों, लोहे की सलाखों, चाकूओं और पिस्तौलों से लैस थे जिन्होंने कुछेक आदिवासी छात्रों की पिटाई की जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, उग्रवादी चरमपंथियों ने  स्कूल की सुविधाओं को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है।

फादर कूज़ीवेली ने यह भी बताया कि चरमपंथियों ने महिला छात्रों के साथ दुर्व्यवहार की कोशिश की, घायल छात्रों को अस्पताल ले जाने में बाधाएँ उत्पन्न कीं, स्कूल की सम्पत्ति को क्षतिग्रस्त किया, नकदी चुरा ले गये तथा छात्रावास पर हमला किया।  

हमले के मद्देनजर, स्कूल ने झारखंड के प्रमुखों तथा अन्य स्थानीय और क्षेत्रीय अधिकारियों से तुरन्त  कार्रवाई करने की अपील की है।

अल्पसंख्यकों की स्थिति नाज़ुक

2014 में हिन्दू चरमपंथियों द्वारा समर्थित भारतीय जनता के सत्ता में आ जाने के बाद से ख्रीस्तीयों को कई हमलों का सामना करना पड़ा है।

अन्तरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता सम्बन्धी अमरीकी आयोग ने भारत को "टियर 2" देशों की सूची में रखा है जहाँ धार्मिक स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन जारी है। आयोग का कहना है कि भारतीय सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ़ हिंसा और धमकियों को रोकने के लिये कुछ नहीं किया है।

 

13 September 2019, 11:31