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डीआर कॉगो में इबोला प्रकोप डीआर कॉगो में इबोला प्रकोप  (AFP or licensors)

इबोला से मौतों का आंकड़ा चिंताजनक, रोकथाम के लिए निवेश पर ज़ोर

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के पूर्वोत्तर हिस्से में वर्ष 2018 में इबोला वायरस नए सिरे से फैलना शुरू हुआ और तब से अब तक 850 बच्चे इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।

सुनीता माग्रेट मिंज-वाटिकन सिटी

न्यूयार्क, शनिवार 31 अगस्त 2019 (यूएन) : संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने बताया है कि इनमें से 600 बच्चों की अब तक मौत हो चुकी है। पड़ोसी देश युगांडा में एक नौ साल की बच्ची के इबोला से संक्रमित होने का नया मामला सामने आया है।

कुल मिलाकर इबोला के अब तक तीन हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए हैं और मृतकों का आंकड़ा दो हज़ार को पार कर चुका है। यूनिसेफ़ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इतनी बड़ी संख्या में मौतें दर्शाती हैं कि बीमारी की रोकथाम के लिए प्रयासों को और तेज़ किए जाने की आवश्यकता है।

इस बीच डीआर कॉगो के पड़ोसी देश युगांडा में इबोला का एक नया मामला सामने आया है। डीआर कॉगो से युगांडा जा रही एक नौ वर्षीय बच्ची को युगांडा में हुए परीक्षण में पॉज़िटिव पाया गया है और अब उसे उपचार के लिए वापस ले जाया गया है। सीमा पर चेकिंग के दौरान बच्ची की हालत काफ़ी ख़राब लग रही थी और फिर परीक्षण के बाद उसकी बीमारी का पता चला।

इबोला पर क़ाबू पाने के प्रयास

हाल के दिनों में इबोला पर क़ाबू पाने के प्रयासों में काफ़ी हद तक सफलता मिली है। यूनीसेफ़ का कहना है कि पहली बार ऐसा लग रहा है कि इबोला का उपचार और उसकी रोकथाम करने का तरीका मिल गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अब यह वायरस लाइलाज नहीं है और वैज्ञानिक शोध के ज़रिए इस बीमारी को नियंत्रण में लाना और पीड़ितों की जान बचाना संभव होता प्रतीत हो रहा है।

धनराशि की आवश्यकता

यूनीसेफ़ के मुताबिक़ इबोला को फैलने देने से रोकने के लिए असाधारण ढंग से निवेश किए जाने की आवश्यकता है। 100 फ़ीसदी मामलों का उपचार किए जाने की आवश्यकता है और हर मामले में पीड़ित के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने और उनकी देखरेख भी करनी होती है।

स्थानीय बच्चों और समुदायों की देखभाल के लिए 12 करोड़ डॉलर से ज़्यादा की धनराशि की आवश्यकता है लेकिन अब तक सिर्फ 31 प्रतिशत राशि का ही इंतज़ाम हो पाया है।

31 August 2019, 14:32