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अनुच्छेद 370 को रद्द किये जाने का विरोध करते पाकिस्तान के लोग अनुच्छेद 370 को रद्द किये जाने का विरोध करते पाकिस्तान के लोग  (AFP or licensors)

कश्मीर के फैसले के विरोध में चेन्नाई धर्माध्यक्ष

भारत की एवंजेलिकल कलीसिया के धर्माध्यक्ष एज्रा ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देनेवाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को ख़त्म करने के फ़ैसले के खिलाफ तमिलनाडु के विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अनुच्छेद 370 को रद्द करने की घोषणा 5 अगस्त को, गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में की।    

तमिलनाडु के विभिन्न राजनीतिक दलों ने 7 अगस्त को अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए राज्यपाल के आवास राजभवन की ओर मार्च करने की कोशिश की।

विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 300 नेता जिनमें थमिमुन अंसारी भी शामिल हैं।

विधायक और मनिथनय जननायका काची के महासचिव; द्रविड़ इयाक्का ताम्रिलर पेरावई के सूबा वीरपांडियान, लिटिल माउंट में एकत्र हुए और राजभवन की ओर बढ़े।

न्यूइंडियाएक्सप्रेस.कोम की रिपोर्ट अनुसार उन्हें रास्ते पर पुलिस द्वारा रोका गया और निकट के एक हॉल में रखकर हिरासत में ले लिया गया है।  

लोकसभा ने 351 से 72 मतों द्वारा अनुच्छेद 370 में जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष राज्य के दर्जे को रद्द कर दिया है।

इससे पूर्व जम्मू-काश्मीर और लद्दाख को दो भागों में बांटने का बिल भी राज्यसभा में पास किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा की मंजूरी का स्वागत किया और कहा, “जम्मू, कश्मीर और लद्दाख से संबंधित बिल एकीकरण और सशक्तीकरण सुनिश्चित करेंगे। ये कदम युवाओं को मुख्यधारा में लाएंगे और उन्हें उनके कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने के असंख्य अवसर प्रदान करेंगे।"

हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि 'सरकार ने ये फ़ैसला करके बहुत बड़ी ग़लती की है। इस फ़ैसले से कश्मीर घाटी के लोगों की नाराज़गी और बढ़ जाएगी और शायद आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ेंगे।'

07 August 2019, 16:25